दमिश्क में धमाके के बाद घटनास्थल पर तैनात सुरक्षा कर्मी, फोटो ( सो. सोशल मीडिया) 
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अदालत के बाहर कैफे बना श्मशान! दमिश्क धमाके से सहमा सीरिया, 9 लोगों की मौत

Damascus Syria Cafe Explosion: सीरिया की राजधानी दमिश्क में गुरुवार को एक कैफे के अंदर हुए शक्तिशाली विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई। मुख्य अदालत परिसर के पास हुए इस हमले में कई वकील भी घायल हुए हैं।

अमन उपाध्याय

Damascus Syria Cafe Explosion News in Hindi: सीरिया की राजधानी दमिश्क गुरुवार को एक भीषण बम धमाके से दहल उठी। शहर के एक व्यस्त कैफे में हुए इस विस्फोट में कम से कम नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 20 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

सरकारी मीडिया और मंत्रालय की रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला दमिश्क के मुख्य अदालत परिसर के पास स्थित एक कैफे में हुआ।धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियाँ तक टूट गईं और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

वकीलों को बनाया गया निशाना?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस कैफे में यह विस्फोट हुआ, वहां अक्सर पास की अदालत में काम करने वाले वकील और न्यायिक कर्मचारी जलपान के लिए आते थे। घटना के समय भी वहां कई वकील मौजूद थे, जो इस हमले की चपेट में आ गए।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि धमाके के बाद कई घायल लोग जमीन पर पड़े हुए थे और चारों तरफ खून और मलबे का अंबार लगा हुआ था। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और स्थानीय लोग घायलों की मदद करने के लिए मशक्कत करते नजर आए।

सुरक्षा बलों ने की तुरंत कार्रवाई

विस्फोट की खबर मिलते ही सीरियाई सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आए और उन्होंने कैफे के आसपास के पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। एम्बुलेंस की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं, जिन्होंने प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर रूप से घायलों को दमिश्क के विभिन्न प्रमुख अस्पतालों में भर्ती कराया। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि यह विस्फोटक उपकरण वहां कैसे पहुंचाया गया और इस साजिश के पीछे किन ताकतों का हाथ है।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा दमिश्क के गवर्नर माहेर इद्लिबी ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। इद्लिबी ने जानकारी दी कि गृह मंत्रालय जल्द ही अपनी प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों की घोषणा करेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में विस्फोटक उपकरण काफी 'साधारण' लग रहा था, लेकिन इसके घातक परिणामों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गवर्नर ने संकल्प लेते हुए कहा कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें उनके किए की सख्त सजा दी जाएगी।

अभी तक किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी

फिलहाल, किसी भी आतंकी समूह या संगठन ने इस घातक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। मंत्रालय और सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। दमिश्क जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में इस तरह का धमाका प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, विशेष रूप से तब जब निशाना न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोग बने हों।

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