PoK Election: इमरान खान की पार्टी का 'नो इलेक्शन' कार्ड, आखिर 27 जुलाई की वोटिंग से क्यों पीछे हटी PTI?

PTI Boycott PoK Assembly Election:इमरान खान की पार्टी PTI ने 27 जुलाई को होने वाले PoK विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। पार्टी ने क्षेत्र में निष्पक्ष माहौल और जन-आंदोलनों का हवाला दिया है।
PoK Election: Imran Khan's party plays the 'no election' card; why did the PTI back out of the July 27 vote?
इमराुन खान, फोटो (सो. सोशल मीडिया
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Imran Khan PTI Boycott PoK Assembly Election News In Hindi: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने एक चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर यह कहा है कि उनके उम्मीदवार आगामी 27 जुलाई को होने वाली चुनावी प्रक्रिया और वोटिंग का हिस्सा नहीं बनेंगे।

इस बड़े राजनीतिक कदम ने न केवल PoK बल्कि पूरे पाकिस्तान की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि मुख्य विपक्षी दल के मैदान से हटने के बाद अब चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदलते नजर आ रहे हैं।

बहिष्कार के पीछे का कारण?

पार्टी के प्रवक्ता द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, PoK में वर्तमान परिस्थितियां स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं हैं। पीटीआई का आरोप है कि वहां लोकतंत्र का सम्मान नहीं किया जा रहा है और न ही नागरिकों को अपनी राय स्वतंत्र रूप से रखने का अवसर दिया जा रहा है।

पार्टी ने जोर देकर कहा कि उनका यह फैसला किसी राजनीतिक हार की आशंका से नहीं लिया गया है, बल्कि यह कश्मीर की जनता के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि जब तक जनता के अधिकारों की सही मायने में रक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक ऐसी किसी भी चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

जन-आंदोलन का प्रभाव

इस बहिष्कार के पीछे एक बड़ी वजह इलाके में चल रहा व्यापक जन-आंदोलन और अस्थिरता को माना जा रहा है। दरअसल, वहां प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) लंबे समय से सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है।

इमरान खान की पार्टी ने इसी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि जब तक क्षेत्र में एक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण राजनीतिक वातावरण तैयार नहीं हो जाता, तब तक चुनावों में उतरना संभव नहीं है। पीटीआई का मानना है कि वर्तमान शासन जनभावनाओं को समझने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रहा है।

JAAC पर पूर्ण प्रतिबंध

PoK में पिछले कुछ महीनों से हालात बेहद नाजुक और संवेदनशील बने हुए हैं। हिंसक विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने 5 जून को एक कड़ा रुख अपनाया था, जिसके तहत आतंकवाद विरोधी कानून का उपयोग करते हुए JAAC पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था।

इस कार्रवाई के बाद से वहां के राजनीतिक और सामाजिक वातावरण में काफी कड़वाहट और तनाव बढ़ गया है। पीटीआई का तर्क है कि ऐसे दमनकारी माहौल में कराए जा रहे चुनावों का कोई कानूनी, नैतिक या लोकतांत्रिक आधार नहीं है।

चुनावी मुकाबला एकतरफा

अब पूरी दुनिया की नजरें 27 जुलाई को होने वाले इन चुनावों पर टिकी हैं। इमरान खान की पार्टी जैसी प्रमुख राजनीतिक शक्ति के चुनावी मैदान से बाहर रहने के कारण अब चुनावी मुकाबला एकतरफा होने की संभावना बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्य विपक्षी दल की अनुपस्थिति न केवल चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह आने वाले समय में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति के लिए भी एक बड़ा संकेत है।

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