नागपुर-अजनी स्टेशन बने चोरों का फेवरेट डेस्टिनेशन! महिला यात्री के गहने ले उड़ा बाइक सवार चोर

Nagpur Railway Station Theft: नागपुर और अजनी रेलवे स्टेशनों पर चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मोबाइल, बैग और लाखों के गहनों की चोरी ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल कर दिए हैं।
Nagpur-Ajni station becomes a favorite haunt for thieves; bike-borne thief makes off with a female passenger's jewelry.
रेलवे चोरी, नागपुर स्टेशन, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Published on: 
Updated on: 

Nagpur and Ajni Railway Stations: भारतीय रेलवे चोरों को फेवरेट डेस्टिनेशन बन गया है। इसकी शानदार बानगी मध्य रेल के नागपुर मंडल में नागपुर और अजनी स्टेशनों पर देखने को मिल रही है। यहां ऐसा कोई दिन नहीं गया होगा जिस दिन किसी यात्री को बैग, मोबाइल या पर्स चोरी न हुआ हो। हाल ये हो चुके हैं कि अब चोरों की टोली डंके की चोट पर स्टेशन में प्रवेश करती है और बुजुर्ग महिला यात्री के 22 लाख रुपये से अधिक के गहनों पर हाथ साफ कर देती है।

एक चोर पोर्टर बाइक बुक करके स्टेशन आता है और प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन में महिला यात्री के पर्स से 26 लाख रुपये से अधिक के गहने चोरी करके भाग जाता है। नागपुर स्टेशन पर मोबाइल चोरी तो इतनी सामान्य हो चुकी है जैसे जनरल कोच की टिकट बिक रही हो। हाल ये चुके हैं कि 3 दिन में चोरों ने प्लेटफॉर्म 1 से प्लेटफॉर्म 8 तक 1,81,999 रुपये के मोबाइलों पर हाथ साफ कर दिया।

तो 6 महीनों में करोड़ का आंकड़ा पार...

वर्ष 2026 का पहला महीना ही चोरों के लिए नागपुर स्टेशन मन मांगी मुराद पूरी करने जैसा रहा। इस महीने 26 लाख रुपये से अधिक की चोरियां दर्ज की गईं। इनमें सबसे अधिक मोबाइल शामिल रहे। इसके बाद 26 लाख और 22 लाख रुपये गहने की चोरियां क्रमशः मार्च और जून में सामने आई।

इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि करीब 6 महीनों में चोरी के माल की कुल रकम का आंकड़ा आसानी से एक करोड़ पार कर गया होगा। अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर दिन पूरे भारतीय रेलवे में यात्रियों के कितने करोड़ की सामान और मोबाइल आदि चोरियां दर्ज होती होंगी।

खाकी वदी ढूंढ रही यात्रियों के जूते

खाकी रंग के साथ बॉडी लाइन कैमरे वाली वर्दी पहने वाले आरपीएफ जवान अब सुरक्षा व्यवस्था के अलावा बाकी सारे काम कर रहे हैं। उन्हें रेल मदद पर यात्रियों के मदद वाले मैसेज पर काम करने के निर्देश दिये हैं। हैरानी की बात है कि यदि यात्री संदेश दे कि फलानी ट्रेन की फलानी सीट के नीचे उसके जूते रहे गये हैं तो इन जूतों को ढूंढने और यात्री को लौटाने का काम आरपीएफ जवान करता है। ये वही जवान है जिसे न तो चोर पकड़ने का अधिकार नहीं है, न ही टिकट के फैर्जीवाड़े पर धरपकड़ का।

भगवान भरोसे यात्रियों के जान-माल की सुरक्षा

नागपुर और अजनी स्टेशन पर हो रहीं चोरियों से लगता है कि जैसे भारतीय रेलवे में यात्रियों के जान-माल की सुरक्षा अब रेलवे सुरक्षा बल और लोहमार्ग पुलिस से छीनकर भगवान भरोसे कर दी गई है। हैरानी की बात है कि रेल मंत्रालय तक यात्रियों के साथ हो रही इन चोरियों पर आखे मूंदे बैठा है। न जिम्मेदारों से सवाल पूछे जा रहे हैं, न ही जवाब मांगे जा रहे है। आमतौर पर अपराध की बढ़ती घटनाये सुरक्षा में बढ़ोतरी और व्यवस्था को तगड़ी बनाने की जिम्मेदार होती है लेकिन भारतीय रेलवे में स्थिति इसके उलट है।

....तो समाप्त हो जाये रेलवे एक्ट

उल्लेखनीय है कि रेलवे सुरक्षा बल के लिए बनाये गये रेलवे एक्ट में दर्ज आपराधिक धाराओं के तहत की जाने वाली कार्रवाई और कार्यवाही को सिलसिलेवार तरीके से कमजोर कर दिया गया है।

पूरे एक्ट में आरपीएफ को चोर पकड़ने का अधिकार ही नहीं दिया गया है। रेलवे का अपना ही सुरक्षा बल ट्रेनों, स्टेशन और रेलवे परिसरों में उपद्रवियों पर कागजी कार्यवाही कर सकता है लेकिन चोरों पर कार्रवाई नहीं।

अब तो फर्जी आईडी पर ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले आईआरसीटीसी एजेंटों पर कार्रवाई का हक भी रेलवे सुरक्षा बल से छिन गया है।

यात्रियों के हक पर डाका डालने वाले ऐसे आईआरसीटीसी एजेंट पर कार्रवाई करने का हक केवल आईआरसीटीसी का रह गया है।

-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से सतीश दंडारे की रिपोर्ट

Nagpur Railway Station Theft: नागपुर और अजनी रेलवे स्टेशनों पर चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मोबाइल, बैग और लाखों के गहनों की चोरी ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com