चीन-रूस की जॉइंट एयर पेट्रोलिंग से भड़का जापान, (डिजाइन फोटो) 
विदेश

'आप ही हमारे जोन में घुसे...', चीन-रूस की जॉइंट एयर पेट्रोलिंग से भड़का जापान, टकराव चरम पर

China Russia Air Patrol: टोक्यो और बीजिंग के बीच जारी तनाव बुधवार को और बढ़ गया जब जापान ने दावा किया कि चीन और रूस की जॉइंट एयर पेट्रोलिंग से उसकी सुरक्षा को खतरा है।

अमन उपाध्याय

Japan China Tension: पूर्वी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में चीन और रूस की संयुक्त एयर पेट्रोलिंग को लेकर टोक्यो और बीजिंग के बीच तनाव नए स्तर पर पहुंच गया है। जापान के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार देर रात दावा किया कि उसने देशभर में अलर्ट जारी करते हुए रूसी और चीनी एयरफोर्स की गतिविधियों पर करीब से नजर रखने के लिए अपने फाइटर जेट भेजे।

टोक्यो के इस कदम पर बुधवार को चीन की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि चीन-रूस की यह जॉइंट स्ट्रेटेजिक एयर पेट्रोलिंग दोनों देशों की निर्धारित वार्षिक सहयोग योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह मिशन क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों की क्षमता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा

झांग से जापान द्वारा जताई गई चिंताओं पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी। जापान ने पेट्रोलिंग को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया था। जापानी मंत्रालय ने कहा कि दो रूसी टीयू-95 न्यूक्लियर-कैपेबल स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स जापान सागर से उड़कर पूर्वी चीन सागर में पहुंचे, जहां वे दो चीनी एच-6 बॉम्बर्स के साथ प्रशांत क्षेत्र में लंबी दूरी की संयुक्त उड़ान में शामिल हुए।

ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा जापान

इसी बीच, चीनी विदेश मंत्रालय ने भी जापान के रडार लॉक आरोपों को भ्रामक और तथ्यों से परे बताया। मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेस वार्ता में कहा कि जापान ने पहले दावा किया था कि उसे चीन से किसी भी सैन्य गतिविधि का पूर्व नोटिफिकेशन नहीं मिला, जबकि बाद में उसने स्वीकार किया कि जानकारी समय रहते दी गई थी।

गुओ ने कहा कि जापान ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पूर्व सूचना मिलने के बावजूद वह चीनी एक्सरसाइज जोन के करीब जासूसी उड़ान क्यों भर रहा था, तनाव क्यों बढ़ा रहा था और बार-बार फाइटर जेट क्यों भेज रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जापान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

चीनी प्रवक्ता ने आगे कहा कि टोक्यो को क्षेत्र में तनाव पैदा करने के बजाय अपने कदमों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जापान के प्रधानमंत्री ताकाइची ताइवान को लेकर दिए गए गलत बयान वापस लें और चीन-जापान रिश्तों में आ रही मुश्किलों की वास्तविक वजहों का सामना करें।

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