डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

जिनपिंग के सामने भीख मांगने लगे ट्रंप...पुतिन को मानने की अपील, कहा- चीन के पास युद्ध रुकवाने का दम

Trump Russia ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप की उम्मीद अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर टिकी है, जिनसे वे साउथ कोरिया में आगामी बैठक में शांति और ट्रेड पर चर्चा करेंगे।

अक्षय साहू

Trump Asks China Help Stop Ukraine War:  रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सारे पैतरे विफल हो गए हैं। अब उनकी सारी उम्मीद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर जाकर टिक गई है। उन्हें यकीन है कि चीन रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में मदद कर सकते हैं। इसके चलते ट्रंप अगले हफ्ते साउथ कोरिया में होने वाली उनकी मुलाकात में इस मुद्दे को लेकर बात करने की इशारा किया है।

नाटो के महासचिव मार्क रूटे के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, मैं उनसे असल में बात करूंगा कि हम रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को कैसे समाप्त कर सकते हैं, चाहे वो तेल, ऊर्जा या किसी अन्य चीज़ के माध्यम से हो। मुझे लगता है कि वह बहुत सहायक होंगे।

चीन के साथ ट्रेड डील की उम्मीद

सियोल में होने वाले एपीईसी समिट के दौरान, यह उच्च-स्तरीय बैठक केवल शांति की बातचीत से कहीं अधिक होगी। ट्रेड पर अपनी प्राथमिकता को जाहिर करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें रेयर अर्थ्स और सोयाबीन जैसे मुद्दों पर प्रगति की उम्मीद है, और यह भी संकेत दिया कि न्यूक्लियर बातचीत भी हो सकती है।

ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि हम एक समझौता करेंगे। रेयर अर्थ्स तो सबसे छोटी बात है, हम सोयाबीन और किसानों पर भी एक डील करने जा रहे हैं। शायद न्यूक्लियर पर भी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि शी जिनपिंग वैश्विक परिणामों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि पुतिन पर उनका बड़ा असर हो सकता है। वह एक इज्जतदार व्यक्ति हैं, एक बहुत बड़े देश के बहुत मजबूत नेता हैं, और यह भी कहा कि दोनों "रूस और यूक्रेन के मुद्दे पर बातचीत करेंगे।

रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर तनाव

ट्रंप ने चीन को रेयर अर्थ एलिमेंट्स, जो उन्नत प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक हैं, पर निर्यात सीमा को लेकर बार-बार चेतावनी दी है। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर बीजिंग ने पाबंदियां कम नहीं कीं तो वे टैरिफ लगा सकते हैं। ट्रंप ने कहा, ये टैरिफ रेयर अर्थ्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं, और दावा किया कि अमेरिका का पलड़ा भारी है।

उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन 1 नवंबर से चीनी आयात पर 155 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अपने प्रस्ताव पर आगे बढ़ेगा, हालांकि उन्होंने बीजिंग के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने की इच्छा जताई।

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