माफिया और पुलिस के बीच भीषण जंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ब्राजील के रियो में ड्रग माफिया और पुलिस के बीच भीषण जंग, हेलिकॉप्टर से अटैक... चारों तरफ बिछी लाशें

Brazil Drug War: ब्राजील के रियो डी जेनेरो में पुलिस और ड्रग माफिया के बीच जंग छिड़ गई है। ब्राजील पुलिस ने देश के सबसे पुराने और खतरनाक ड्रग नेटवर्क ‘रेड कमांडो’ के खिलाफ अबतक का सबसे बड़ा ऑपरेशन...

अमन उपाध्याय

Brazil Police Action Against Drug Cartel: ब्राजील के रियो डी जेनेरो में पुलिस और ड्रग माफिया के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। एक ओर पुलिस हेलिकॉप्टर से बम बरसा रही है, वहीं दूसरी ओर ड्रग माफिया ड्रोन से बम गिराकर पुलिस पर हमला कर रहे हैं। गोलीबारी की आवाज़ों से गलियां दहल उठी हैं Comando Vermelho' यानी 'रेड कमांडो' के खिलाफ यह ऑपरेशन ब्राजील के हाल के इतिहास का सबसे बड़ा अभियान बताया जा रहा है।

पुलिस ने इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन रियो पैसिफिकाडो (Operation Rio Pacificado)' नाम दिया है। इस ऑपरेशन में अब तक 64 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 60 ड्रग माफिया के सदस्य और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई रियो में ड्रग नेटवर्क को खत्म करने और शहर की सुरक्षा को नियंत्रण में लाने के लिए की जा रही है।

250 से अधिक लोग हुए गिरफ्तार

गवर्नर क्लाउडियो कास्त्रो ने बयान जारी कर कहा कि करीब 2,500 पुलिसकर्मी और सैन्य बलों की मदद से यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक पुलिस ने 250 से अधिक गिरफ्तारी और तलाशी वारंट जारी किए हैं, जबकि 81 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने 75 से अधिक राइफलें, 200 किलो कोकीन और भारी नकदी जब्त की है।

सड़कों पर पड़े मिले शव

ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने हेलिकॉप्टर और बख्तरबंद वाहनों की मदद से कई झुग्गी इलाकों में छापे मारे। जवाबी कार्रवाई में माफिया गिरोह ने ड्रोन से पुलिस पर बम गिराए और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। उन्होंने 50 से अधिक बसों को कब्जे में लेकर शहर के कई हिस्सों को बंद कर दिया। रियो की गलियों में गोलियों की आवाज़ें गूंज उठीं और कई शव सड़कों पर पड़े मिले। इस हिंसा के कारण आसपास के स्कूल और विश्वविद्यालयों को बंद करना पड़ा। शहर में भय और दहशत का माहौल है।

गिरफ्तार हुए ड्रग माफिया

क्यों शुरू हुआ यह ऑपरेशन?

'Comando Vermelho' ब्राजील का सबसे पुराना और प्रभावशाली ड्रग तस्करी नेटवर्क है, जिसकी शुरुआत 1970 के दशक में जेलों में राजनीतिक बंदियों के एक समूह के रूप में हुई थी। अब यह गिरोह ड्रग्स, हथियार और अवैध टैक्स वसूली में सक्रिय है।

विशेष रूप से यह ऑपरेशन इसलिए तेज किया गया है क्योंकि नवंबर के पहले सप्ताह में रियो डी जेनेरो में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन COP30 से जुड़े कार्यक्रम होने वाले हैं। इनमें C40 ग्लोबल मेयर्स समिट और प्रिंस विलियम का अर्थशॉट प्राइज समारोह भी शामिल है। इन अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संगठित अपराधों पर नियंत्रण के लिए यह सख्त कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है। ब्राजील सरकार का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक रियो की गलियों से मादक तस्करी और हिंसा का खात्मा नहीं हो जाता।

DUSU Election Result 2026 LIVE: अध्यक्ष पद पर उलटफेर, ABVP के यश डबास NSUI के विजय शंकर मीणा से 294 वोट आगे

ड्रग्स तस्करी और PACL फ्रॉड पर ED का शिकंजा, हैदराबाद-मंदसौर में संपत्ति कुर्क, करोड़ों के शेयर जब्त

लिफाफा चुनाव चिह्न को लेकर बंगाल में घमासान, AISF का EC के फैसले पर ऐतराज, कोर्ट जाने की दी चेतावनी

Ravneet Bittu Detained: लुधियाना में रवनीत बिट्टू हिरासत में, CM भगवंत मान के काफिले के सामने दिखाए टमाटर-अंडे

केंद्र ने 14 जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी, दिल्ली-झारखंड-कर्नाटक समेत 4 हाई कोर्ट को मिले नए जज, देखें लिस्ट