World News in Hindi: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। ब्रिटिश अख़बार द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में एक जहाज पर ड्रग तस्करी का आरोप लगाते हुए घातक हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस कार्रवाई को नार्को-तस्करी संचालन के खिलाफ की गई घातक काइनेटिक स्ट्राइक बताया है।
यह ताजा हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका सितंबर से अब तक कथित ड्रग-तस्करी से जुड़ी नावों और जहाजों को निशाना बनाता रहा है। इन अभियानों में अब तक कुल 99 लोगों के मारे जाने की बात सामने आ चुकी है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ये कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए जरूरी हैं, जबकि वेनेजुएला इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बता रहा है।
अमेरिकी नौसैनिक हमलों के बाद वेनेजुएला ने पूर्वी प्रशांत महासागर और कैरेबियन सागर में अपने जहाजों को एस्कॉर्ट देना शुरू कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम उसके व्यापारिक और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। इस फैसले के बाद दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव की आशंका और गहरा गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला पर आरोप लगाया कि वह तेल से होने वाली आय का इस्तेमाल ड्रग तस्करी और संगठित अपराधियों को फंडिंग में कर रहा है। इसी आरोप के आधार पर अमेरिका ने वेनेजुएला से निकलने वाले तेल टैंकरों पर प्रतिबंध लगाया और उनकी नाकेबंदी शुरू कर दी। बीते दिनों अमेरिका ने इस अभियान के तहत वेनेजुएला के एक तेल टैंकर को जब्त भी किया था।
हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद वेनेजुएला ने अपने तेल व्यापार को जारी रखा है। सरकार का कहना है कि उसके पास दुनिया के सबसे बड़े सिद्ध तेल भंडार हैं और वह कच्चे तेल व उप-उत्पादों का निर्यात सामान्य रूप से करता रहेगा। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर ड्रग तस्करी रोकने के बहाने सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
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मादुरो ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने वाशिंगटन की “बढ़ती धमकियों” और क्षेत्रीय शांति पर पड़ने वाले प्रभावों को उठाया। वहीं, वेनेजुएला के सबसे बड़े तेल खरीदार चीन ने भी इस विवाद में उसका समर्थन किया है। चीन के विदेश मंत्री ने वेनेजुएला के विदेश मंत्री यवान गिल से बातचीत में कहा कि बीजिंग सभी एकतरफा प्रतिबंधों और धमकियों का विरोध करता है तथा देशों की संप्रभुता और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा के पक्ष में है।