9/11 अमेरिका में आतंकी हमला सौजन्य-सोशल मीडिया
विदेश

9/11 हमले के 25 साल: दुनिया आज भी करती है याद, 4 विमानों की हाईजैकिंग से मचा था कोहराम, चीन को हुआ था फायदा

9/11 Attack 25 Years Anniversary: 9/11 हमले की 25वीं बरसी पर जानिए 11 सितंबर 2001 की घटना ने अमेरिका, अफगानिस्तान और दुनिया की भू-राजनीति को कैसे प्रभावित किया।

प्रिया जैस

9/11 Geopolitics World Trade Center Attack: 11 सितंबर 2001 की वह सुबह देखने में आम दिनों जैसी ही थी, लेकिन कुछ ही घंटों में दुनिया की भू-राजनीति हमेशा के लिए बदल गई। इस भयावह आतंकी हमले को 25 साल पूरे हो रहे हैं। अल-कायदा के आतंकियों द्वारा विमान हाईजैक कर किए गए इस हमले में 2,977 मासूमों की जान गई। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स जमींदोज हुए।

हमले ने अमेरिका के अजेय होने के भ्रम को तोड़ दिया और तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 'वार ऑन टेरर का ऐलान किया। इस घटना का सबसे दूरगामी असर वाशिंगटन में नहीं, बल्कि बीजिंग में देखा गया। 9/11 के बाद अमेरिका जब अफगानिस्तान में दो दशकों लंबे, महंगे और थकाऊ युद्ध में उलझ गया, तो चीन को एक अप्रत्याशित रणनीतिक राहत मिल गई।

चीन ने बढ़ाई विकास की रफ्तार

वाशिंगटन का पूरा ध्यान, सैन्य शक्ति और वित्तीय संसाधन अरब खाड़ी रेगिस्तानों में उलझा रहा। इसी दौरान पृष्ठभूमि में शांत रहकर चीन ने अपनी आर्थिक, औद्योगिक और सामरिक ताकत को अप्रत्याशित रफ्तार से आगे बढ़ाया।

दुनिया की व्यवस्था में बदलाव

अमेरिकी उलझनों का सीधा फायदा उठाकर चीन ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली। इसके साथ ही बीजिंग ने अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, मध्य व दक्षिण एशिया और यूरोप तक अपने आर्थिक प्रभाव और बुनियादी ढांचे के नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया।

9/11 के बाद की परिस्थितियों ने अमेरिकी वर्चस्व की यूनिपोलर (एकध्रुवीय) दुनिया का अंत कर दिया और चीन को 21वीं सदी की नई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर दिया।

9/11 आतंकी हमला

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर यह हमला 11 सितंबर 2001 को हुआ था। इस हमले में 2,977 लोगों की जान गई थी, इनमें 100 से अधिक देशों के नागरिक शामिल थे। पहला विमान सुबह 8.46 बजे नॉर्थ टावर से टकराया। दूसरा विमान हमला सुबह 9.03 बजे हुआ था जो कि साउथ टावर से टकराया। घटना के सिर्फ 104 मिनट के अंदर-अंदर दोनों टावर पूरी तरह नष्ट हो गए।

11 सितंबर, 2001 की सुबह, अल-कायदा के आतंकवादियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया। उनका मकसद इन विमानों को कई मशहूर जगहों से टकराना था। पहला हादसा अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 11 के साथ हुआ, जो सुबह 8:46 बजे न्यूयॉर्क शहर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टावर से टकराई।

ठीक 17 मिनट बाद, यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 175 WTC के साउथ टावर से टकराई। इसी बीच, लगभग सुबह 9:37 बजे, अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 77 वाशिंगटन में पेंटागन जो अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय है उससे टकरा गई।

9/11 आतंकी हमले की टाइमलाइन

कहां गिरा चौथा विमान?

हाईजैक किए गए चौथे विमान, फ्लाइट 93, का निशाना या तो व्हाइट हाउस था या अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग। हालांकि, यात्रियों के साथ संघर्ष के बाद आतंकवादी विमान पर अपना नियंत्रण खो बैठे और यह पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले में एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इन चार आतंकवादी हमलों में कुल 2,977 लोग मारे गए, जिसमें 19 हाईजैकर भी शामिल थे।

पूरी तरह नष्ट हो गया वर्ल्ड ट्रेड सेंटर

9/11 के आतंकवादी हमलों में अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा। लगभग 6,000 लोग घायल हुए और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दोनों इमारतें पूरी तरह से नष्ट हो गईं। आर्थिक नुकसान 100 अरब डॉलर से भी ज्यादा था। इस घटना के बाद, अमेरिका ने अल-कायदा और तालिबान के खिलाफ युद्ध शुरू किया।

अक्टूबर 2001 में अफगानिस्तान पर हमला किया गया और नवंबर 2001 में तालिबान सरकार गिर गई। अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान में तालिबान का सामना किया और वहां सैन्य अभियान चलाए।

अमेरिका ने अफगानिस्तान से लिया बदला

11 सितंबर, 2001 के हमलों के बाद, तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने कड़े कदम उठाए। एक महीने के अंदर-अंदर, उन्होंने अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन को खत्म करने के लिए अफगानिस्तान पर हमला कर दिया। इस अभियान के दौरान अमेरिका को अन्य देशों से भी मदद मिली।

ओसामा बिन लादेन

लगभग एक दशक बाद, 2011 में, अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया। चार साल पहले, 2022 में, अमेरिका ने एक ड्रोन हमले में अल-कायदा प्रमुख और कुख्यात आतंकवादी अयमान अल-जवाहिरी को मार गिराया। अल-जवाहिरी 9/11 हमलों के मुख्य आरोपियों में से एक था और उस पर 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा गया था।

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