सुवेंदु आधिकारी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
पश्चिम बंगाल

बंगाल में 'घुसपैठ' पर फुल स्टॉप, CM सुवेंदु ने सीमा बाड़बंदी को मंजूरी दी, 45 दिनों में सेना को मिलेगी जमीन

Suvendu Adhikari Border Fencing Approval: मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया को बताया कि सीएम सुवेंदु ने सीमा बाड़बंदी के लिए मंजूरी दे दी है, जबकि ममता सरकार अपने कार्यकाल के दौरान इस पर रोक लगा रही थी।

अमन मौर्या

West Bengal BJP Government Decisions: पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के गठन के साथ ही राज्य में सीएम सुवेंदू अधिकारी एक्शन मोड में नजर आने लगे हैं। नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए थे। इसमें सीमाई सुरक्षा के लिए जरूरी बीएसएफ को जमीन देना भी शामिल है। सेना को जमीन देने के मामले में भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि ममता सरकार अपने कार्यकाल के दौरान इस पर रोक लगा रही थी।

45 दिनों में उपलब्ध कराई जाएगी जमीन

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बार-बार ममता सरकार से जमीन देने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। अमित शाह ने प्रयास कर 500-600 किलोमीटर बाड़ लगवाई थी, अब भी 300-400 किलोमीटर खाली है। हमारी सरकार ने पहले दिन ही इसकी अनुमति दे दी। 45 दिनों में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। बीएसएफ से बातचीत चल रही है। जहां बाड़ का काम बंद था, कल से शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने बीएसएफ को जमीन नहीं दी थी, जिसकी वजह से सीमा की हालत बहुत खराब है। सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनते ही पहले ही दिन बाड़बंदी के लिए मंजूरी दे दी है। अब बाड़बंदी होने के बाद पड़ोसी देश के लिए छुपकर बंगाल नहीं आ पाएंगे और पश्चिम बंगाल में शांति रहेगी।

चुनाव के समय करती थी इस्तेमाल

दिलीप घोष ने कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जमीन को लेकर कई बैठकें की थीं और फंड पहले ही दिन भेज दिया था, इसके बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया था। सरकार बाहरी लोगों को इसी रास्ते से लाकर चुनाव के समय उनका गलत इस्तेमाल कराती थी, लेकिन अब ये नहीं होने वाला है, पश्चिम बंगाल सरकार उन सभी रास्तों को बंद कर देगी जिनसे पड़ोसी देश के लोग गलत तरीके से भारत में प्रवेश करते हैं।

मिलावटी सामान पर दिया बयान

देश में लगातार खाने-पीने के मिलावटी सामान पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, कीमतें समय-समय पर बढ़ाई जाती हैं, लेकिन गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए। दूध की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं और इसकी ठीक से जांच नहीं की जा रही है। इसमें कई तरह के रसायन मिलाए जा रहे हैं। यह स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए गुणवत्ता और मात्रा दोनों को ही ठीक से बनाए रखा जाना चाहिए। सरकार को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।

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