

Suvendu Adhikari Chooses Bhawanipore Seat Over Nandigram: पश्चिम बंगाल के नए और नौवें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार दोपहर दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा में शपथ ली। इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे भवानीपुर से विधायक बने रहेंगे और पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से विधायकी छोड़ देंगे। पिछले महीने संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे।
बता दें कि भवानीपुर में वे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़े थे। इसमें ममता बनर्जी की हार हुई थी। पिछले विधानसभा चुनावों में भी अधिकारी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को मात दी थी। हालांकि, ममता बनर्जी दूसरी सीट से उपचुनाव लड़कर विधानसभा पहुंची थी।
भवानीपुर में इस बार सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार और तत्कालीन मुख्यमंत्री को 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। नंदीग्राम में अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के पबित्रा कर को 9,000 से अधिक वोटों से हराया। यह दूसरी बार था जब अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया। 2021 में अधिकारी नंदीग्राम से ममता बनर्जी को लगभग 2,000 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। इसके बाद 2021 में ममता बनर्जी भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। 2026 में न केवल उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा बल्कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी हार का सामना करना पड़ा।
सुवेंदु अधिकारी की तरह आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर भी इस बार एक साथ दो विधानसभा क्षेत्रों नाओदा और रेजिनगर से निर्वाचित हुए, ये दोनों ही मुर्शिदाबाद जिले के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे कौन सी सीट बरकरार रखेंगे और कौन सी सीट छोड़ेंगे।
बुधवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी विधानसभा परिसर पहुंचे। वहां पहुंचते ही वे सदन की सीढ़ियों दंडवत प्रणाम किया और फिर सदन में प्रवेश किया। उनका स्वागत कार्यवाहक अध्यक्ष और उत्तरी कोलकाता के मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक तापस रॉय ने किया।
नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को विधानसभा परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद सीएम सुवेंदु ने विधानसभा परिसर के भीतर बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके पुष्प अर्पित किए। फिर विधानसभा परिसर के भीतर सदन के नेता और मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें आवंटित कक्ष में गए।
वहां देवी-देवताओं की मूर्तियों के समक्ष पूजा-अर्चना की। बाद में वे सदन के भीतर गए और भवानीपुर से विधायक के रूप में शपथ ली। निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को शुरू हुआ और गुरुवार को भी जारी रहेगा।