West Bengal Politics Dilip Ghosh: पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसदों पर हुए हमले को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमला होने के बाद स्थिति गरमा गई। हमले के दूसरे दिन टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर भी हमले की खबरें सामने आई थी। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया था कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया।
हालांकि, भाजपा नेताओं ने इस बात का खंडन किया है। उनका कहना है कि कल्याण बनर्जी ड्रामा कर रहे है। उनके इस ड्रामे पर मंत्री दिलीप घोष ने उन्हें जमकर घेरा है। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "सबने देखा कि क्या हुआ। किसी ने उन्हें (कल्याण बनर्जी को) न तो मारा और न ही धक्का दिया। यह सब कोरा ड्रामा था। हमने संसद में भी उन्हें पहले ऐसी नौटंकी करते देखा है, इसीलिए लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते।"
दिलीप घोष ने कहा कि उन्हें यह शोभा नहीं देता। वे बोले, "एक वरिष्ठ वकील, नेता और सांसद होने के बावजूद, उनके बर्ताव को लेकर बार-बार शिकायतें मिली हैं, जिनमें उनकी अपनी पार्टी के सदस्य भी शामिल हैं। लोग उनसे नाराज हैं, और उन्हें संयम बरतना चाहिए। इस तरह का ड्रामा उनके कद के नेता को शोभा नहीं देता। अगर कोई चोट लगी ही नहीं थी, तो फिर इस सारे ड्रामे का क्या मतलब था?"
दिलीप घोष ने बताया कि महिलाओं के साथ भी कल्याण बनर्जी के बर्ताव को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी है। काकोली घोष ने तो उनके खिलाफ ओम बिरला से शिकायत भी की है। उन्होंने कल्याण बनर्जी पर महिलाओं के साथ बदसूलकी का आरोप लगाते हुए ओम बिरला को पत्र लिखा था।
बंगाल में टीएमसी सांसदों पर हुए हमलों पर कपिल सिब्बल ने भाजपा की निंदा की थी। मंत्री दिलीप घोष ने कपिल सिब्बल को नसीहत देते हुए कहा, "मैं कपिल सिब्बल को पश्चिम बंगाल आने का न्योता देना चाहूंगा। सड़क किनारे किसी चाय की दुकान पर बैठें और एक कप चाय पिएं। खुद देखें कि बंगाल में हालात क्या हैं और लोग आपका स्वागत कैसे करते हैं। इन भ्रष्ट लोगों के पीछे खड़े न हों। आपकी जिंदगी तो पैसे के पीछे बर्बाद हो गई। इन लोगों को बचाने का पाप क्यों कर रहे हैं? क्यों गांधी परिवार के पीछे घूमते-घूमते अपनी जिंदगी बिता देंगे।"
यह भी पढ़ें - पीएम मोदी के आवास पहुंचे शाह-नड्डा, 4 घंटे चली हाई लेवल मीटिंग, BJP कैबिनेट में बड़े फेरबदल के मिले संकेत!
कल्याण बनर्जी का बचाव करने वाले नेताओं पर भी उन्होंने निशाना साधा। मंत्री दिलीप घोष ने मदन मित्रा को निशाना बनाते हुए कहा, मैं मदन मित्रा से कहना चाहूंगा कि वे जिम्मेदारी से बोलें और कुणाल घोष का बचाव करने से बचें। अपने भविष्य के बारे में सोचें। आप एक वरिष्ठ नेता हैं, और जिस तरह से आप बोल रहे हैं, वह अनुचित है।