Plans for 4 New Airports In Bengal: पश्चिम बंगाल में नए एयरपोर्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आज, सोमवार को नबन्ना कॉन्फ्रेंस हॉल में पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते का मकसद नए एयरपोर्ट के निर्माण में मदद करना है।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह और अन्य लोग मौजूद रहेंगे। जिन चार एयरपोर्ट पर चर्चा हो रही है, उनमें छर्रा (पुरुलिया) और बालुरघाट के एयरपोर्ट सबसे अहम हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले ही बालुरघाट एयरपोर्ट का निरीक्षण कर चुके हैं। राज्य में 4 नए एयरपोर्ट क्रमश: पुरुलिया, बालुरघाट, हासीमारा और कलाईकुंडा के रूप में राज्य के नागरिकों को सौगात मिली है।
इसका रनवे मूल रूप से दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया था। बाद में वहां से कमर्शियल उड़ानें संचालित हुईं और 1980 के दशक में वायुदूत ने भी बालुरघाट से अपनी सेवाएं दी थीं। तब से यह एयरपोर्ट बंद पड़ा है। इसमें लगभग 1,500 मीटर लंबा रनवे है, जो ATR-72 विमानों को संभालने में सक्षम है, और यहां एक टर्मिनल बिल्डिंग भी है।
पिछली सरकार के कार्यकाल में यह तय किया गया था कि राज्य सरकार ही एयरपोर्ट का संचालन करेगी। 2018 में इसके इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर लगभग ₹12 करोड़ खर्च किए गए थे; हालांकि, एयरपोर्ट कभी चालू नहीं हो पाया। राज्य के पास मौजूद लगभग 132 एकड़ में फैली यह सुविधा अब केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में इस जगह का निरीक्षण किया और वहां बड़े विमानों के संचालन की इच्छा जताई।
हालांकि लेफ्ट और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकाल में वहां एक पूर्ण हवाई अड्डा बनाने की कोशिशें की गई थीं, लेकिन यह प्रोजेक्ट कभी पूरा नहीं हो पाया। प्रशासन का मानना है कि सर्वे होने के बावजूद केंद्र सरकार के साथ तालमेल की कमी इसका मुख्य कारण थी। लेकिन अब राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर बीजेपी की "डबल-इंजन" सरकार है; इसलिए, इस प्रोजेक्ट को तेज़ी से आगे बढ़ाने में ज़्यादा समय नहीं लगा।