ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी सौजन्य-IANS
पश्चिम बंगाल

ममता बनर्जी को मिला फुटबॉल, ऋतब्रत गुट के हाथ आया लिफाफा, EC ने TMC गुटों में बांटे चुनाव चिह्न

Election Commission TMC New Symbol: TMC के ‘घास-फूल’ सिंबल पर रोक के बाद ममता गुट और ऋतब्रत बनर्जी के गुट को चुनाव आयोग ने नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए है।

प्रिया जैस

Mamata and Ritabrata Banerjee New Party Symbol: भारत के चुनाव आयोग ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों को, पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच, नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं।

अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को "डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस" नाम और "लिफाफा" चुनाव चिह्न दिया गया है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" नाम और "फुटबॉल खिलाड़ी" चुनाव चिह्न दिया गया है। इन दोनों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का दर्जा दिया जाएगा।

चुनाव आयोग ने फ्रीज किए थे पार्टी सिंबल

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITMC) पर दावे को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा अंतरिम फैसला सुनाते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह दोनों को फ्रीज कर दिया था। आयोग ने निर्देश दिए थे कि न तो ममता बनर्जी गुट और न ही अरूप रॉय गुट फिलहाल 'AITMC' नाम का अकेले इस्तेमाल कर सकेगा।

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा था कि दोनों गुटों को पार्टी के मूल नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिन्ह 'फूल-घास' के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। आयोग ने साफ कहा था कि दोनों गुट अपने-अपने लिए अलग नाम चुन सकते हैं। यदि वे चाहें तो अपने नाम के साथ मूल पार्टी 'AITMC' से संबंध का उल्लेख भी कर सकते हैं।

आयोग ने सुनी थी दोनों पक्षों की दलीलें

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने गुरुवार को नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात कर अंतिम दौर की सुनवाई की। पार्टी से बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट के प्रतिनिधियों को दोपहर 3 बजे बुलाया गया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की सुनवाई शाम 4 बजे हुई।

इससे पहले 12 सितंबर को भी आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी थीं। हालांकि उस समय कोई फैसला नहीं लिया गया था और अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए थे। उन्हीं दस्तावेजों और अंतिम दलीलों के आधार पर आयोग ने अब यह अंतरिम निर्णय लिया है।

नए नाम और चुनाव चिह्न के साथ उपचुनाव में उतरेंगे दोनों गुट

तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर दोनों गुटों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों ने खुद को पार्टी का वास्तविक प्रतिनिधि बताया था और पार्टी के संगठन तथा चुनाव चिन्ह पर दावा किया था।

चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब आगामी उपचुनावों में दोनों गुट अलग-अलग नाम और अलग-अलग चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरेंगे। इन दोनों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का दर्जा दिया जाएगा।

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TMC के ममता और ऋतब्रत बनर्जी दोनों गुटों ने दिए नए नाम और चुनाव चिह्न, अब चुनाव आयोग सुनाएगा फैसला