Kakoli Ghosh Dastidar Resignation: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में भगदड़ मच गई है। पार्टी की सांसद और एक समय ममता बनर्जी की सबसे करीबी रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात डिस्ट्रिक्ट कमेटी के प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी ने पिछले दिनों काकोली को लोकसभा में चीफ व्हिप पद से हटा दिया था और कल्याण बनर्जी को दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे भी काकोली काफी नाराज थीं। इसके बाद, केंद्र सरकार द्वारा काकोली की सुरक्षा को बढ़ा दिया था और उनको Y कैटेगरी की सिक्योरिटी प्रोवाइड की गई थी।
काकोली घोष का पद छोड़ना ममता बनर्जी के लिए किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि वो लंबे समय से टीएमसी के साथ जुड़ी हुई हैं और उनकी गिनती एक समय में ममता बनर्जी के सबसे करीबी लोगों में होती थी।
काकोली ने एक पत्र लिखकर कहा है कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में क्राइम और करप्शन की कुछ खतरनाक घटनाओं से आम लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से सवाल और डर पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी को और मजबूत करने के लिए पॉलिटिक्स में साफ-सफाई, अकाउंटेबिलिटी, जिम्मेदारी, तहजीब तथा लोगों के प्रति जिम्मेदारी, मूल्यों को और अधिक महत्व देना जरूरी है।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि मेरा मानना है कि समाज में भरोसा और एक हेल्दी पॉलिटिकल कल्चर को आइडियलिज्म और इंसानी राजनीति से ही और मजबूत किया जा सकता है। घोष ने आगे कहा, इस विधानसभा चुनाव में जिले में पार्टी के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए, मैं बारासात डिस्ट्रिक्ट पार्लियामेंट्री प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी से इस्तीफा दे रही हूं। उन्होंने नेता ममता बनर्जी से अपील करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि अगर आप पहले की तरह ईमानदार, वफादार पुराने वर्कर्स के साथ काम करेंगी, तो पार्टी की इमेज चमकेगी। धन्यवाद।
यह भी पढ़ें- पहले चुनाव में मात, अब छिन जाएगा TMC का दफ्तर? संकट में घिरी ममता बनर्जी की पार्टी, जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि काकोली घोष ने चुनाव के दौरान टीएमसी के लिए रणनीति तैयार करने वाली आईपैक कंपनी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जिस तरह से इस संस्था ने काम किया है और हमारे साथ दुर्व्यवहार किया है, जिस तरह से उन्होंने हम पर दबाव डाला है, ये काम करने का सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि वे लोग जहां भी जाएंगे, मुझे लगता है कि चुनावों में उनके नतीजे खतरनाक होंगे।