Mamata Banerjee Accuses Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता ने दावा किया कि अधिकारी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्हें धमकी दी और कहा कि वो ये सुनिश्चित करेंगे कि ममता अपने घर से बाहर न निकल सकें।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बयान पर सवाल उठाते हुए इसे भारतीय राजनीति का नया निचला स्तर बताया। उन्होंने राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश और देश की जनता से पूछा कि क्या संविधान ऐसे भारत की कल्पना करता है।
ममता ने कहा कि संविधान की रक्षा की शपथ लेने वाला कोई मौजूदा मुख्यमंत्री विपक्ष की प्रमुख नेता की आवाजाही पर रोक लगाने की खुली धमकी कैसे दे सकता है। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह के बयान का मतलब नजरबंदी, डराना-धमकाना या राजनीतिक उत्पीड़न है?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी व्यक्ति को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कोई राजनीतिक नेता घर से बाहर निकल सकता है या नहीं। ममता ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि ये मामला सिर्फ उनके बारे में नहीं है, बल्कि उस लोकतंत्र के बारे में है जिसमें राजनीतिक विरोधियों को डराया जाता है और असहमति को दबाने की कोशिश की जाती है।
ममता ने अपने बयान के अंत में कहा कि सत्ता कुछ समय के लिए लोगों को डरा सकती है, लेकिन आखिरकार जनता ही अहंकार का जवाब देती है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के दिन गिने-चुने हैं।
ये राजनीतिक बदलाव साल 2026 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिले प्रचंड बहुमत और तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद हुआ है। शुभेंदु अधिकारी, जो कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी सहयोगी थे, उन्होंने इस चुनाव में भवानीपुर सीट पर सीधे मुकाबले में ममता बनर्जी को पराजित किया था।
वर्तमान में दोनों नेताओं के बीच ये ताजा विवाद राज्य सरकार की नई महिला केंद्रित कल्याणकारी 'अन्नपूर्णा भंडार योजना' जिसके तहत महिलाओं को ₹3000 प्रति माह दिए जा रहे हैं उसके क्रियान्वयन को लेकर उपजा है।