IPAC पर ED ने बताई कार्रवाई की सच्चाई (फोटो- सोशल मीडिया) 
पश्चिम बंगाल

कोयला घोटाले के तार से I-PAC के दफ्तर पर सियासी वार? CM के हंगामे के बाद ED ने खोला रेड का असली राज

ED ने कोलकाता में पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी फर्म IPAC के ऑफिस और इसके हेड प्रतीक जैन के घर पर छापा मारा। जांच में पता चला कि कोयला तस्करी से मिले अवैध पैसे हवाला ऑपरेटरों के जरिए IPAC को ट्रांसफर किए गए थे।

सौरभ शर्मा

IPAC ED Raid  Reason Coal Smuggling Scam: कोलकाता में सियासी पारा सातवें आसमान पर है। टीएमसी की रणनीतिकार संस्था आई-पैक के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी ने भूचाल ला दिया है। सीएम ममता बनर्जी के तीखे तेवरों के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय ने इस कार्रवाई की असली वजह बता दी है। एजेंसी का दावा है कि यह रेड किसी चुनावी रणनीति को जानने के लिए नहीं, बल्कि कोयला तस्करी के काले धन के सुराग तलाशने के लिए की गई है।

ईडी ने अपने आधिकारिक बयान में साफ किया है कि जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी के मुताबिक, कोयला तस्करी घोटाले से कमाई गई काली कमाई को हवाला ऑपरेटरों के जरिए आई-पैक तक पहुंचाया गया था। जांच में पता चला है कि अपराध की आय का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनीज के जरिए लेयरिंग करके यहां ट्रांसफर किया गया। सबूतों और बयानों के आधार पर ही यह कार्रवाई की गई है, जिसे लेकर अब इतना बवाल मचा हुआ है।

हवाला का खेल और 'हरी फाइल' का राज

इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब छापेमारी की खबर लगते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंच गईं। वहां से निकलते वक्त उनके हाथ में एक रहस्यमयी हरी फाइल देखी गई, जिसने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। इसके बाद वह साल्ट लेक स्थित दफ्तर भी गईं, जहां से सीएमओ के अधिकारी कुछ दस्तावेज अपनी गाड़ी में रखते दिखे। ममता का आरोप है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर टीएमसी का डेटा चोरी करने, स्लोगन जानने और उम्मीदवारों की लिस्ट हथियाने के लिए यह सब किया जा रहा है।

आमने-सामने: ममता के आरोप, सुवेंधु की मांग

ममता बनर्जी ने इसे बीजेपी की हताशा बताया है। उनका कहना है कि एजेंसियां भ्रष्टाचार की जांच नहीं बल्कि राजनीतिक जासूसी कर रही हैं। वहीं, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सीएम के इस हस्तक्षेप को गैरकानूनी बताते हुए कोर्ट जाने की बात कही है। बता दें कि प्रतीक जैन आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और टीएमसी के चुनावी प्रबंधन की कमान संभालते हैं। ईडी का दावा है कि छापेमारी में बाधा डाली गई और अहम सबूत गायब किए गए, जिससे आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ने वाला है।

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