सांकेतिक तस्वीर (AI जनरेटेड एंड मोडिफाइड) 
पश्चिम बंगाल

बंगाल में बनेगी किसकी सरकार? फलोदी सट्टा बाजार ने की चौंकाने वाली भविष्यवाणी, जानिए किसे लगेगा झटका

Phalodi Satta Bazar: बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच राजस्थान का बदनाम फलोदी सट्टा बाजार एक बार फिर ज़ोरदार चर्चा का विषय बन गया है।

अभिषेक सिंह

Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव अभी काफी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक माहौल अभी से गरमाने लगा है। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच राजस्थान का बदनाम फलोदी सट्टा बाजार एक बार फिर ज़ोरदार चर्चा का विषय बन गया है।

स्थानीय चैनल्स और सोशल मीडिया पर कई ऐसे दावे वायरल हो रहे हैं, जिनमें बंगाल की सत्ता को लेकर चौंकाने वाले अनुमान सामने आ रहे हैं। अनुमानों के मुताबिक एक बड़े सियासी दल और दिग्गज सियासतदान को बड़ा झटका लगने वाला है। तो चलिए जानते हैं फलोदी सट्टा बाजार क्या कुछ कह रहा है...

क्यों चर्चा में आया फलोदी सट्टा बाजार?

हर बड़े चुनाव से पहले फलोदी सट्टे का बाज़ार सुर्खियों में आ जाता है। कहा जाता है कि इस बाज़ार की भविष्यवाणियां अक्सर सही होती हैं। यही वजह है कि चाहे लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव, इसके भाव और भविष्यवाणियां राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक चर्चा का विषय बन जाती हैं। 2026 के पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले भी ऐसी ही स्थिति बनती दिख रही है।

क्या है फलोदी सट्टा बाजार का अनुमान?

वायरल दावों के अनुसार, बीजेपी पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से लगभग 180 सीटें जीत सकती है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के 114 सीटों तक सीमित रहने का अनुमान है। बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, ये सिर्फ शुरुआती अनुमान हैं और इनमें बड़े बदलाव संभव हैं।

नरेंद्र मोदी व ममता बनर्जी (सोर्स- सोशल मीडिया)

आखिरी वक्त तक बदलता है भाव

फलोदी सट्टे के बाज़ार के ये आंकड़े चुनाव नज़दीक आते-आते पर कई बार बदलेंगे। क्योंकि वहां के सट्टेबाजों द्वारा दिए जाने वाले भाव राजनैतिक स्थिति और परिस्थितियों के हिसाब से रोज़ बदलते रहते हैं। इसलिए इस अनुमान को ही सटीक समझना गलत होगा।

आखिर क्या है फलोदी सट्टा बाजार?

फलोदी सट्टा बाज़ार को राजस्थान के फलोदी शहर से जुड़ा एक अनौपचारिक और अवैध सट्टे का नेटवर्क माना जाता है। यह कोई सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त या आधिकारिक संस्था नहीं है। यहां राजनीति, चुनाव, बजट, खेल, मौसम और बड़ी सामाजिक घटनाओं से जुड़ी भविष्यवाणियों पर सट्टा लगाया जाता है। माना जाता है कि इसकी जड़ें काफी पुरानी हैं, और शुरुआत में यह मौसम और कृषि से जुड़ी घटनाओं पर सट्टे के लिए जाना जाता था।

सट्टा बाजार कैसे लगाता है अनुमान?

फलोदी के सट्टेबाज मीडिया रिपोर्ट्स, अखबारों, राजनीतिक रैलियों में भीड़ की संख्या, ज़मीनी फीडबैक और अपने नेटवर्क से जुटाई गई जानकारी के आधार पर भाव तय करते हैं। सट्टा फोन कॉल, मैसेजिंग ऐप्स और कोडवर्ड के ज़रिए लगाया जाता है। भाव समय के साथ बदलते रहते हैं।

भारत में गैरकानूनी है चुनावी सट्टेबाजी

आधिकारिक तौर पर भारत में सट्टेबाजी अवैध है। चुनाव आयोग, गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस ने बार-बार साफ किया है कि चुनाव परिणाम सिर्फ वोटिंग और वोटों की गिनती से तय होते हैं। फलोदी सट्टे के बाज़ार के दावों की न तो कोई कानूनी वैधता है और न ही उन्हें आधिकारिक भविष्यवाणियां माना जाता है।

2021 चुनाव में कैसे रहे थे परिणाम?

पिछले विधानसभा चुनावों को देखें तो 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव असाधारण रूप से लंबे थे और कई चरणों में हुए थे। 292 सीटों के लिए वोटिंग आठ चरणों में हुई थी। वोटिंग प्रोसेस 27 मार्च से 29 अप्रैल, 2021 तक चला, जबकि वोटों की गिनती 2 मई, 2021 को हुई।

294 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की बहुमत की ज़रूरत होती है। 2021 के चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और 213 सीटें जीतीं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार बड़ी सफलता हासिल की और 77 सीटें जीतीं।

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