

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में भांगर में तृंणमूल कांग्रेस (TMC) की आंतरिक कलह रविवार को फिर से उभर आई है। दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ हिस्सों में पार्टी के अंदर दो खेमों के बीच झड़प हुई। इस दौरान पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया है।
इस घटना का तात्कालिक कारण काशीपुर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरबुल इस्लाम के बेटे हकीमुल इस्लाम के वाहन पर हमला था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वाहन बरामद होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। अरबुल के स्वामित्व वाले एक पेट्रोल पंप के पास दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़प हुई, जहां हकीमुल भी मौजूद थे। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। इसमें प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच तीखी बहस, धमकियों और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते देखा जा सकता है।
पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए फुटेज की जांच की जा रही। हकीमुल का आरोप है कि हमलावर कैनिंग ईस्ट क्षेत्र के विधायक शौकत मुल्ला के समर्थक थे। उन्हें भांगर के लिए टीएमसी का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। हकीमुल ने दावा किया कि उन्होंने पहले मेरी गाड़ी पर हमला किया और फिर हमारे पेट्रोल पंप पर आ गए। यह जानबूझकर किया गया था। शौकत खेमे ने इन आरोपों को खारिज कर कहा कि हकीमुल और उनके सहयोगी अशांति फैलाने के इरादे से मौके पर पहुंचे थे। इनमें तृणमूल नेता प्रदीप मंडल भी शामिल थे।
विपक्षी दलों ने तुरंत तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाया है। माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने इस हिंसा को लूट और सत्ता को लेकर आंतरिक कलह का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन में इस तरह की हिंसा कोई नई बात नहीं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल में व्याप्त अत्यधिक भ्रष्टाचार के कारण अब मुसलमान आपस में लड़ रहे हैं। तृणमूल नेतृत्व ने हिंसा से खुद को अलग करने की कोशिश की। पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा, हिंसा में शामिल लोगों को अनुशासित पार्टी सदस्य नहीं माना जा सकता।
पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज की गई है। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो गुटों के बीच झड़प के बाद स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, तनाव अब भी बना हुआ है।