

Allahabad Surkha Guava Transport: इलाहाबादी सुर्खा अमरूद और कौशांबी के जी-नाइन केले का स्वाद अब देश के दूसरे हिस्सों तक तेजी से पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर मध्य रेलवे ने गंगा-यमुना के उपजाऊ क्षेत्र में कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय फ्रेट नेटवर्क से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल शुरू की है। इसके तहत कौशांबी रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक ‘गुड्स रोड हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
रेलवे की योजना के तहत कौशांबी का अशरफपुर बड़ा गुड्स शेड बनेगा। इसके लिए सिराथू तहसील के हिसामपुर माढ़ो, तालुका-सिराथू गांव में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के किसानों को अपने कृषि उत्पाद दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचाने के लिए सड़क परिवहन पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
फिलहाल, किसानों और आढ़तियों को सड़क मार्ग से माल भेजने में डीजल, टोल टैक्स और बिचौलियों के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। आंकड़ों के मुताबिक, 150 किलोमीटर दूर राजधानी लखनऊ तक एक टन माल सड़क से भेजने में करीब 1,500 रुपये खर्च होते हैं। वहीं, रेल परिवहन में ट्रक के मुकाबले लागत काफी कम होने की उम्मीद है।
जहां ट्रक का भाड़ा करीब सात से 10 रुपये प्रति किलो बैठता है, वहीं ट्रेन से माल ढुलाई में 80 से 90 फीसदी तक बचत संभव होगी। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने और बाजार तक सीधी पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है। रेलवे फ्रेट के जरिए यही माल मुंबई, दिल्ली या गुवाहाटी तक पहुंचाया जा सकेगा।
परियोजना का सबसे बड़ा लाभ जल्दी खराब होने वाली फसलों को मिलेगा। अमरूद, केला, टमाटर और हरी मिर्च जैसी उपज को कम समय में दूसरे राज्यों के बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे किसानों को बेहतर बाजार और उनकी आय बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
उत्तर-मध्य रेलवे की यह पहल प्रयागराज-कौशांबी क्षेत्र की कृषि उपज को देश के बड़े बाजारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मंडल पीआरओ अमित सिंह के मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।