High Rent In Noida : उत्तर प्रदेश के बांदा के रहने वाले एक शख्स का नोएडा की जिंदगी को लेकर बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। Instagram पर @liveAkhand नाम से वीडियो शेयर करने वाले इस शख्स ने सवाल उठाया कि क्या बेहतर नौकरी और करियर के लिए मेट्रो शहर में जाना वास्तव में बेहतर जिंदगी की गारंटी देता है?
नोएडा की ऊंची-ऊंची इमारतों के बीच खड़े होकर उसने बांदा और नोएडा में रहने के तरीके की तुलना की। उसका कहना था कि बांदा जैसे छोटे शहर में लोग अपेक्षाकृत कम कीमत में जमीन का छोटा टुकड़ा लेकर अपना स्वतंत्र घर बना सकते हैं। इसके मुकाबले नोएडा में लोगों को अक्सर महंगे किराए पर फ्लैट लेकर सीमित जगह में रहना पड़ता है।
वीडियो में शख्स ने 2BHK फ्लैट का उदाहरण भी दिया। उसने कहा कि घर में दो बेडरूम होने का मतलब यह नहीं है कि वहां रहने के लिए पर्याप्त जगह भी होगी। कई फ्लैटों में कमरे छोटे होते हैं और परिवारों को कम जगह में ही अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं। इसके साथ ही उसने नोएडा में रहने की सबसे बड़ी चुनौती के तौर पर किराए को बताया।
उसके मुताबिक, छोटे शहरों के मुकाबले मेट्रो शहर में कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ घर के किराए और रोजमर्रा के खर्च में चला जाता है। उसने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति की मासिक सैलरी 25 हजार रुपये है और उसका पूरा 25 हजार रुपये ही किराए में चला जाए, तो बेहतर कमाई के बावजूद उसके पास बचत या जीवन स्तर सुधारने के लिए बहुत कम पैसा बचेगा।
हालांकि, वीडियो बनाने वाले शख्स ने नोएडा में मिलने वाली नौकरियों और करियर के अवसरों को भी स्वीकार किया। उनका कहना है कि छोटे शहरों से लोग बेहतर रोजगार और भविष्य की संभावनाओं के लिए नोएडा जैसे शहरों का रुख करते हैं, लेकिन शहर बदलने से पहले कमाई और खर्च का हिसाब जरूर लगाना चाहिए। उनका सवाल है कि अगर पूरी कमाई सिर्फ शहर में रहने का खर्च उठाने में चली जाए तो ऐसी नौकरी का वास्तविक फायदा कितना है?
वीडियो के अंत में उन्होंने नोएडा की आसपास की हाईराइज इमारतों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहां चारों तरफ एक जैसी इमारतें नजर आती हैं। इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है कि ज्यादा कमाई के लिए मेट्रो शहर जाना बेहतर है या छोटे शहर में कम खर्च और ज्यादा जगह वाली जिंदगी चुनना।