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दिल्ली में पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे पुलिसकर्मी; विभाग की कार्रवाई से थे नाराज, VIDEO हुई वायरल

Delhi Police: दिल्ली में पुलिसकर्मी ही नाराज होकर पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैछ गए। इनकों समझाने के लिए DCP सचिन शर्मा पहुंचे। मामला वकील विवाद के बाद पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई से जुड़ा है।

आशीष शुक्ला

Highlights:

  • दिल्ली पुलिस के जवान पुलिस मुख्यालय के सामने धरने पर बैठे

  • DCP सचिन शर्मा ने पुलिसकर्मियों को समझाने का किया प्रयास

  • 23 अक्टूबर 2026 शाहदरा इलाके में बाइक पार्किंग को लेकर पुलिस और अधिवक्ता में हुआ था विवाद

Police Personnel Sitting In Protest Outside The Police Headquarters In Delhi: भारत लोकतांत्रिक देश है और यहां अपनी मांग के लिए प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में सरकारी हो या फिर प्राइवेट सभी विभागों से नाराजगी की खबरे सामने आती रहती हैं। विभाग के कर्मचारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध करते हैं।

अपने हक की मांग उठाते हैं। इसी बीच राजधानी दिल्ली से पुलिस विभाग की खबर सामने आई है। जहां दिल्ली पुलिस के करीब 100 जवान अपनी ही पुलिस के मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। शाहदरा और गांधी नगर थाने से जुड़े वकील-पुलिस विवाद के बाद पुलिसकर्मी अपनी शिकायतें लेकर पुलिस मुख्यालय पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस वाक्या की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों का आरोप है कि वकीलों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जबकि पुलिसकर्मियों के खिलाफ ही विभागीय कार्रवाई कर दी गई। इसी बात को लेकर जवानों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के तबादले वापस लेने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई।

DCP ने समझाने का किया प्रयास

मौके पर DCP सचिन शर्मा प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों को समझाते नजर आए। उन्होंने जवानों से सड़क से हटकर पुलिस मुख्यालय के अंदर चलकर अपनी बात रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए।

दरअसल, शाहदरा इलाके में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। वकीलों की शिकायतों के बाद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने से पुलिसकर्मियों में असंतोष बढ़ गया।

विभाग पर उठ रहे सवाल

इस घटनाक्रम ने दिल्ली पुलिस की आंतरिक शिकायत निवारण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब कानून-व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों को ही अपनी शिकायतों के समाधान के लिए पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करना पड़े, तो विभाग के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान किस तरह हो रहा है?

फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका और प्रदर्शनकारी जवानों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर 2026 को हुई थी। शाहदरा इलाके में बाइक पार्किंग को लेकर हुए विवाद में अधिवक्ता ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई थी। इस मामले में वकीलों की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

आरोप है कि जब वकील मामले में कार्रवाई की मांग लेकर शाहदरा थाने पहुंचे तो एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार ने उनके साथ अभद्रता की। वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि एसीपी ने उन्हें पिस्तौल दिखाकर धमकाया।

दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने आरोप लगाया कि थाने में पहुंचे वकीलों ने पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। इस मामले में पुलिस की ओर से भी अलग एफआईआर दर्ज की गई।

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