आजमगढ़ में बीजेपी दफ्तर में नेता आपस में भिड़ गए सोर्स-(AI)
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आजमगढ़ में BJP प्रदेश उपाध्यक्ष मौजूदगी में थप्पड़ कांड! गुटबाजी का आरोप, आपस में भीड़े नेता VIDEO वायरल

Azamgarh BJP Office: आजमगढ़ में प्रदेश के उपाध्यक्ष और आजमगढ़ के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह की मौजूदगी में हो रहे बैठक में जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह और ज्ञानू सिंह के समर्थक आपस में भीड़ गए। वीडियो देखें।

आशीष शुक्ला

Azamgarh Slap incident In BJP Office: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है और चुनाव को लेकर सत्ताधारी बीजेपी और प्रमुख विपक्षी पार्टी सपा में पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच गुटबाजी की घटना सामने आ रही है। बीते दिन गोरखपुर में सपा नेता आपस में भीड़ गए तो वहीं आज आजमगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के भीतर गुटबाजी का मामला सामने आया है।

पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और आजमगढ़ के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह की मौजूदगी में ही बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच कथित तौर पर विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई की नौबत आ गई। इस घटना को लेकर पार्टी के अंदर चल रही खींचतान एक बार फिर चर्चा में है। मिली जानकारी के अनुसार संबोधन में नाम न लेने पर आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह और बीजेपी नेता ज्ञानू सिंह के समर्थक आपस में भीड़ गए।

बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र सिंह संगठन से जुड़े कार्यक्रम के लिए आजमगढ़ पहुंचे थे। उनके सामने ही पार्टी के अलग-अलग गुटों से जुड़े नेताओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई।

आजमगढ़ के प्रभारी है, धर्मेंद्र सिंह

संगठन ने धर्मेंद्र सिंह को आजमगढ़ का प्रभारी भी बनाया गया है। ऐसे में उनकी मौजूदगी में नेताओं के बीच विवाद सामने आने के बाद पार्टी के स्थानीय संगठन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिस बैठक या कार्यक्रम में संगठनात्मक समन्वय और आपसी मतभेद दूर करने की कवायद होनी थी, वहीं कथित विवाद ने पार्टी की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया।

इस घटना ने आजमगढ़ बीजेपी में चल रही गुटबाजी की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। स्थानीय स्तर पर पार्टी के जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह और बीजेपी के नेता ज्ञानू सिंह के बीच वर्चस्व और संगठन में प्रभाव को लेकर लंबे समय से खींचतान की बातें सामने आती रही हैं। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और हाथापाई की स्थिति कैसे बनी, इसे लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय स्तर पर मतभेद खत्म करने की चुनौती

विधानसभा चुनाव नजदीक है और ऐसे में बीजेपी के भीतर आपसी मतभेद होना बीजेपी के लिए चुनाव के लिहाज से हानिकारक है, ऐसे में पार्टी के आला कमान के सामने आपसी मतभेद को खत्म करना बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुए इस विवाद ने आजमगढ़ भाजपा की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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