PM Awas Yojana Uttarakhand: उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंद और बेघर परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत वर्ष 2022 से अब तक प्रदेश के 39,815 परिवारों को पक्के मकान का लाभ दिया जा चुका है। सरकार की इस पहल से हजारों ग्रामीणों का अपने घर का सपना सच हुआ है।
योजना के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा 4,882 आवास ऊधमसिंह नगर जिले में बनाए गए हैं। इसके बाद हरिद्वार जिले में 4,493 परिवारों और रुद्रप्रयाग जिले में 4,032 गरीब परिवारों को पक्की छत नसीब हुई है। बेघर परिवारों को छत देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष पैरवी करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री के प्रयासों का ही नतीजा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 में बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में भी राज्य लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बता दें कि इस योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में कच्चे व जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाएं देने के मकसद से की गई थी।
योजना के तहत लाभार्थी को एक घर के लिए 1.30 लाख रुपये की धनराशि डीबीटी (DBT) के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके साथ ही बीबी रामजी योजना का भी लाभ दिया जाता है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, वर्ष 2022-23 से प्रति लाभार्थी बर्तन और किचन सामग्री खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपये और घर निर्माण के दौरान 95 दिन की मजदूरी भी दी जाती है।
लाभार्थियों को केवल पक्का मकान ही नहीं, बल्कि उसमें पेयजल की सुविधा, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उनकी सरकार हर पात्र और जरूरतमंद परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।