कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन) 
उत्तराखण्ड

बनभूलपुरा में बेघर होंगे 5 हजार परिवार, SC ने दिया बुलडोजर एक्शन का आदेश, बोला- रेलवे की जमीन खाली करो

Banbhoolpura Encroachment: उत्तराखंड में नैनीताल जिले के बनभूलपुरा में बुलडोजर की गरज सुनाई देने वाली है। यहां रेलवे की करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है।

अभिषेक सिंह

Supreme Court: देवभूमि के नाम से मशहूर उत्तराखंड में नैनीताल जिले के बनभूलपुरा में बुलडोजर की गरज सुनाई देने वाली है। यहां रेलवे की करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाया जाए। इस फैसले से हजारों परिवार को अब अपना घर खाली करना होगा।

CJI की बेंच ने इस केस की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि यह रेलवे की जमीन है और इसका इस्तेमाल वह अपनी मर्ज़ी से करेगा। इसके अलावा राज्य सरकार उन लोगों को भी घर दे सकती है जिनके घर राज्य की योजनाओं के तहत तोड़े जाएंगे और इसके लिए 19 मार्च से कैंप लगाए जाएंगे।

रेलवे की 30 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा

गौरतलब है कि रेलवे की लगभग 30 हेक्टेयर जमीन पर सालों से कब्ज़ा था। इस जमीन पर लगभग 4,500 घर बने हुए हैं, जिनमें 5,236 परिवार रहते हैं। इसका मतलब है कि इस इलाके में हजारों लोग रहते हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बहुत जरूरी है। 2022 में नैनीताल हाई कोर्ट ने बनभूलपुरा इलाके से कब्जा हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रभावित पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में क्या कुछ कहा?

अपने अहम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह ज़मीन रेलवे की है और उसे यह तय करने का अधिकार है कि इसका इस्तेमाल कैसे करना है। इससे प्रभावित परिवारों की पहचान की जानी चाहिए। बलभूलपुरा में रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाए जाएंगे। गरीब और कम आय वाले लोगों की पहचान के लिए सर्वे किया जाएगा ताकि यह तय किया जा सके कि उन्हें रिहैबिलिटेशन के हिस्से के तौर पर घर दिया जा सकता है या नहीं।

परिवारों को मिलेंगे 2000 रुपये महीने

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, कोर्ट और राज्य सरकार ने कहा कि हटाए गए परिवारों को अगले छह महीने तक दो-दो हजार रुपये मिलेंगे। हालांकि, कोर्ट ने अप्रैल तक केस की दोबारा सुनवाई तय की है। ऐसे में देखना होगा कि आगे सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या कुछ आदेश देता है।

महाराष्ट्र में Old Monk की बिक्री से बैन नहीं हटेगा, FSSAI ने रम मानने से क्यों किया इनकार? जानिए पूरा मामला

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अंदरूनी कलह के बीच सचिन पायलट को पंजाब की कमान; कई राज्यों के प्रभारी बदले

13 साल बाद SRCC पहुंचे PM मोदी: Gen-Z भाषा में Alumni को बताया OG, 2013 की स्पीच को भी किया याद

PM Modi Delhi Metro Video: मेट्रो में बच्चों से मिले पीएम मोदी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सहारनपुर मस्जिद विवाद: जमीन किसकी है, मस्जिद कितनी पुरानी और बुलडोजर क्यों चला? समझें पूरी कहानी