उत्तरकाशी कहर में राहत कार्य लगातार जारी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
उत्तराखण्ड

Uttarkashi Cloudburst: उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही, सरकार ने 20 करोड़ की राहत राशि का ऐलान किया

Uttarkashi disaster : धराली में बादल फटने से आई भीषण आपदा से सभी आहत, राज्य सरकार ने तत्काल बचाव कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की, साथ ही पुलिस मुख्यालय की ओर से...

गीतांजली शर्मा

Rescue work with special deployment of police force : उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में अचानक से आई प्राकृतिक आपदा ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र कहर के कोप में समाता चला गया। घटना के बाद से ही राज्य व केंद्र सरकार लगातार राहत और बचाव कार्य में प्रभावी ढंग से लगी हुई है। बचाव कार्य में कोई रुकावट न आए इसके लिए राज्य सरकार ने 20 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है।  वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विशेष पुलिस बलों की पुलिस मुख्यालय की ओर से जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती की गई है। पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को आपदा की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उत्तरकाशी भेजा गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती में यह नाम शामिल

वरिष्ठ अधिकारियों की सूचि में  एसडीआरएफ के पुलिस महानिरीक्षक अरुण मोहन जोशी, गढ़वाल परिक्षेत्र के आईजी राजीव स्वरूप, एसपी प्रदीप कुमार राय, एसपी अमित श्रीवास्तव, एसपी सुरजीत सिंह पंवार और एसपी श्वेता चौबे शामिल हैं। साथ ही एक डिप्टी कमांडेंट और 11 डिप्टी एसपी भी बचाव कार्यों के लगाए गए हैं, जिससे राहत कार्य अच्छे से संचालित किया जा सके। आपदा सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए सेनानायक आईआरबी द्वितीय, श्वेता चौबे के नेतृत्व में देहरादून की कंपनी तथा 40वीं वाहिनी पीएसी के विशेष आपदा राहत दल के 140 जवानों को भी भेज दिया गया है। राज्य के अन्य जिलों से भी लगातार सहयोग की मांग व पूर्ति जारी है। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी से कुल 160 पुलिसकर्मियों (निरीक्षक से लेकर आरक्षी स्तर तक) को आवश्यक राहत उपकरणों के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया है।

सभी पुलिस बल 24 घंटे के लिए कार्यरत

सभी पुलिस बलों को स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, ताकि आमजनता का ज्यादा से ज्यादा सहयोग हो सके। सरकार और पुलिस प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य यह है कि प्रभावित लोगों को तुरंत मदद पहुंचाई जाए साथ ही, जनहानि को कम से कम किया जाए और राहत कार्य में तेजी के साथ ही समन्वय और सटीकता लाई जाए। सभी पुलिस बलों को 24 घंटे कार्य करने का सख्ती से निर्देश दिया गया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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