पंचानंद पाठक के घर बैठक में शामिल ब्राह्मण विधायक। इमेज-सोशल मीडिया 
उत्तर प्रदेश

कौन हैं पंचानंद पाठक? जिनके घर में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक, यूपी से दिल्ली तक चढ़ा सियासी पारा

Who is BJP MLA PN Pathak: कुशीनगर विधायक पीएन पाठक के घर में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने लखनऊ से दिल्ली तक सियासी पारा बढ़ाया है। यूपी में ठाकुर के बाद ब्राह्मण कुटुंब तैयार होने की चर्चा है।

रंजन कुमार

MLA PN Pathak: उत्तर प्रदेश में पिछले विधानमंडल के मानूसन सत्र में ठाकुर समाज के विधायकों ने कुटुंब परिवार नाम पर बैठक की थी। इस बार शीतकालीन सत्र के बीच मंगलवार शाम को लखनऊ में ब्राह्मण विधायकों ने सहभोज किया है। इससे सियासी पारा बढ़ गया है। शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन मंगलवार शाम कुशीनगर के बीजेपी विधायक पंचानंद पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 45-50 ब्राह्मण विधायक एकजुट हुए। सहभोज करने वाले विधायक पीएन पाठक सुर्खिंयों में आ गए। ऐसे में हर कोई उनके बारे में जानने चाह रहा है।

बता दें, पंचानंद पाठक कुशीनगर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक हैं। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पीएन ने बीजेपी की टिकट से चुनाव लड़ा और विजयी हुए हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के राजेश प्रताप राव को 34,790 वोटों से हराया। पीएन ग्रेजुएट हैं। ये संगठन के अनुभवी नेता हैं। ब्राह्मण समाज में मजबूत पकड़ है। योगी सरकार के भरोसेमंद विधायकों में से हैं। पाठक को संतुलित बयानबाजी, संगठनात्मक समझ और समाज के बीच संवाद कायम करने वाले नेता के रूप में देखा जाता है।

52 ब्राह्मण विधायकों में से 46 भाजपा के

पीएन पाठक मंगलवार को अपने घर में ब्राह्मण विधायकों को सहभोज में बुलाया था। सहभोज में विधायक शलभ मणि त्रिपाठी भी पहुंचे थे। इसके अलावा मीरजापुर विधायक रत्नाकर मिश्रा, एमएलसी उमेश द्विवेदी की मुख्य भूमिका रही है। बता दें, उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस समय 52 ब्राह्मण विधायक हैं। इनमें 46 भाजपा के हैं। बैठक में नौतनवां विधायक ऋषि त्रिपाठी, तरबगंज से विधायक प्रेमनारायण पांडेय, बांदा विधायक प्रकाश द्विवेदी, बदलापुर से भाजपा विधायक रमेश मिश्रा, खलीलाबाद से विधायक अंकुर राज तिवारी और मेहनौन से भाजपा विनय द्विवेदी सहित अन्य विधायक शामिल हुए।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

बंद कमरे में हुई इस बैठक में आर्थिक रूप से कमजोर ब्राह्मणों की मदद करने पर जोर दिया गया। इसके लिए फंड बैंक बनाने की चर्चा की गई। इसमें रिटायर्ड जज, वकील, डॉक्टर और प्रभावशाली लोगों को जोड़ने की बता कही गई है। इसके साथ-साथ लखनऊ, भदोही, गोंडा और बहराइच में हुई हाल की घटनाओं का जिक्र किया।

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