काशी विश्वनाथ धाम (सोर्स- फोटो नवभारत)
वाराणसी

श्रावण के अंतिम सोमवार पर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठी काशी, विश्वनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Varanasi Sawan Last Monday: श्रावण के अंतिम सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा। सुरक्षा, यातायात और बढ़ते गंगा जलस्तर को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए।

धर्मेंद्र कुमार चौबे, स्निग्धा श्रीवास्तव

Kashi Vishwanath Temple Sawan Somwar 2026: वाराणसी में श्रावण मास के चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर काशी पूरी तरह शिवमय नजर आई। श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान श्री विश्वेश्वर की मंगला आरती के साथ दिन की शुरुआत हुई। भोर से ही बाबा के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। रुद्राक्ष और रंग-बिरंगे पुष्पों से सजे श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।

कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा

अंतिम सोमवार के अवसर पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए दूर-दराज से पहुंचे कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर भव्य और भावपूर्ण स्वागत किया गया। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से काशी विश्वनाथ धाम सहित आसपास का पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में बाबा के दर्शन और जलाभिषेक को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

काशी विश्वनाथ धाम

श्रावण के अंतिम सोमवार को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। कतारबद्ध श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक और दर्शन की सुचारु व्यवस्था की गई, ताकि भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बढ़ते गंगा जलस्तर को देखते हुए घाटों पर विशेष व्यवस्था

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर भी विशेष सतर्कता बरती गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों की सीढ़ियों पर स्नान की व्यवस्था को नियंत्रित किया गया तथा बैरिकेडिंग की गई। जल पुलिस, पुलिस बल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए लगातार निगरानी की गई।

तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था

काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए। धाम परिसर में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहे। भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई।

अंतिम सोमवार के अवसर पर सुबह से ही काशी के प्रमुख मार्गों और मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी। गंगा घाटों से लेकर काशी विश्वनाथ धाम तक वातावरण भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।

बाबा विश्वनाथ धाम

जिला प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाओं का लगातार जायजा लिया गया। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार तथा पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का निरीक्षण करते नजर आए।

श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर काशी की गलियां, घाट और बाबा विश्वनाथ का धाम हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान रहे। भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर काशी का नजारा ऐसा रहा, मानो पूरी नगरी स्वयं भगवान शिव की आराधना में लीन हो गई हो।

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