स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व
जिला और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज की
सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सतर्कता
District Administration Prepare Annapurna Temple : धनतेरस और दीपावली के अवसर पर काशी में मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मंदिर के महंत शंकर पुरी से मुलाकात कर आगामी पर्व के दौरान दर्शन-पूजन की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग, कतारबद्ध दर्शन, यातायात नियंत्रण तथा मंदिर परिसर में आवश्यक सुविधाओं को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
वाराणसी जिला प्रशासन ने पर्व के दौरान बड़ी संख्या में काशी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने, दर्शनार्थियों की आवाजाही सुगम बनाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की गई। मंदिर प्रबंधन के साथ व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक सुझाव भी साझा किए गए।
बताते चलें कि काशी में मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है। वर्ष में विशेष अवसर पर होने वाले इन दर्शनों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं। ऐसे में पर्व के दौरान मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ रहने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन पहले से ही सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सतर्कता बरत रहा है।
धनतेरस के अवसर पर मंदिर में स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेंगे। हर साल इस अवसर पर मां के दर्शन का भक्तों को इंतजार रहता है। मंदिर 6 नवम्बर को खुलेगा भक्तों को खजाने के रूप में सिक्के दिए जायेंगे। सुबह 3 बजे पूजन होगा और श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का कपाट 5 बजे खुलेगा।
महंत शंकर पुरी ने बांसफाटक स्थित अन्नपूर्णा क्षेत्र के सभागार में यह जानकारी दी उन्होंने बताया कि धनतेरस पर मंदिर के कपाट तय समय से एक घंटा पहले ही खोल दिए जायेंगे। भक्त पांच दिन तक स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन कर सकेंगे।