160 कुम्हारों को आधुनिक विद्युत चालित चाक वितरित
वाराणसी मंडल के 12 जनपदों में 147 पंजीकृत खादी संस्थाएं
कुल बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची
Modern electric powered wheel distributed : दीपावली से पहले काशी के कुम्हार परिवारों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई सौगात मिली। बुधवार को नमो घाट पर खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत कुम्हार सशक्तीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 160 कुम्हारों को आधुनिक विद्युत चालित चाक वितरित किए।
‘खादी वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (एमएसएमई) हंसराज विश्वकर्मा भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि काशी की मिट्टी में सदियों पुरानी परंपरा और कारीगरों का अनमोल हुनर समाया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में काशी विकास और आधुनिकता के नए आयाम स्थापित कर रही है।
हमारा सपना है कि काशी का कुम्हार केवल पारंपरिक कारीगर बनकर न रहे, बल्कि आधुनिक पॉटरी उत्पादों का सफल उद्यमी बने। इसके लिए कारीगरों को नई तकनीक, बेहतर डिजाइन और बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विद्युत चालित चाक मिलने से कुम्हार कम समय और कम शारीरिक श्रम में अधिक मिट्टी के दीये, बर्तन और अन्य उत्पाद तैयार कर सकेंगे। इससे उत्पादन क्षमता और आमदनी बढ़ने के साथ परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि मिट्टी का प्रत्येक दीया किसी कुम्हार परिवार की मेहनत, उम्मीद और आजीविका से जुड़ा होता है।
गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र की कुल बिक्री लगभग 1.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची है। वाराणसी मंडलीय कार्यालय के अंतर्गत 12 जनपदों में 147 पंजीकृत खादी संस्थाएं, 572 बिक्री केंद्र और 14,804 पंजीकृत कारीगर जुड़े हैं।
उन्होंने दीपावली पर देशवासियों से स्थानीय कुम्हारों के मिट्टी के दीये, खादी और स्वदेशी उत्पाद खरीदने की अपील करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘हर घर स्वदेशी’ अभियान को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आयोग के अधिकारी, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, लाभार्थी कारीगर और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।