Gorakhpur Faizabad MLC Elections: विधानसभा चुनाव से पहले एमएलसी चुनाव में पक्ष और विपक्ष में गहमागहमी अभी से दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव के बहाने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा के असंतुष्ट नेताओं को बड़ा संदेश दिया है।
अखिलेश ने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय शिक्षक एमएलसी लड़ने वाले भाजपा चुनाव नेताओं को अपना समर्थन दे दिया है। इसके लिए उन्होंने सपा की ओर से पहले इन सीटों पर घोषित उम्मीदवारों के टिकट भी काट दिए हैं।
यह कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव ने बागियों को एमएलसी चुनाव में समर्थन दिया है। लेकिन उनका संदेश आगामी विधानसभा चुनाव के लिए है। अखिलेश यादव के इस कदम के बाद माना जा रहा है कि भाजपा अपने उन नेताओं के टिकट काटने पर कई बार मंथन करेगी। जिनको लेकर एक प्रतिशत भी यह आशंका रहेगी कि वे सपा से हाथ मिला सकते हैं।
अखिलेश यादव ने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पहले घोषित प्रत्याशी डॉ. प्रकाशचंद्र गुप्ता की जगह मौजूदा निर्दलीय एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की।
यह दोनों ही भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और उन्होंने पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद बगावत का ऐलान किया और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में एमएलसी चुनाव में अपना पर्चा दाखिल कर दिया था।
आकाश अग्रवाल वो शख्स है जो आगरा में पहले भारतीय जनता पार्टी से टिकट के दावेदार थे। लेकिन भाजपा ने यहां से इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी से नाराज आकाश अग्रवाल वर्तमान में इसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय एमएलसी है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने पर उन्होंने पर्चा भी खरीदा था। अगर सपा चाहती तो यहां से अपने उम्मीदवार को खड़ा कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती थी। लेकिन सपा ने ऐसा नहीं करके मुकाबले को अपने पक्ष में करने के लिए आकाश अग्रवाल को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। वह वैश्य समुदाय से आते हैं और क्षेत्र में उनका अपना दबंदचा और प्रभाव भी है।
इसी तरह से गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर भी सपा ने अपना उम्मीदवार देने की जगह भाजपा के बागी डॉ. संजयन त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाया है। यह सीट गोरखपुर में आती है। ऐसे में यह घटना एक तरह से राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी झटका मानी जा रही है।