ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर हमला बोला (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने साधा अखिलेश यादव पर निशाना, कहा- 'अ' से अलकायदा वाली है सपा की पाठशाला

UP News: भाजपा और सपा के बीच पीडीए स्कूल विवाद जारी है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बच्चों को गलत सोच सिखाने का आरोप लगाया, और सपा की पिछली सरकार पर भी निशाना साधा।

अक्षय साहू

SP PDA School Controversy: उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच पीडीए स्कूल को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों पार्टियों नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैंष। इसी बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश बच्चों को 'अ' से 'अलकायदा' सिखाना चाहते हैं।

हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें सपा कार्यकर्ता द्वारा पीडीए स्कूल के बच्चों को "A for Akhilesh" और "D for Dimple" पढ़ाया जा रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव बच्चों की सोच को गलत दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश को शिक्षा और बच्चों के भविष्य की कोई समझ नहीं है, और वे केवल अपनी राजनीतिक विचारधारा को थोपने का प्रयास कर रहे हैं।

सपा सरकार में वापस होते थे अपराधियों के केस

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश और सपा सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, वो केवल अपनी राजनीति के चक्कर में सब कर रहे हैं। वो सिर्फ अ से अलकायदा ही जानते हैं। उन्होंने आगे कहा कि, जब सपा की सरकार थी तब उस दौरान बवाल करने वाले, अपराधियों के केस वापस लिए जाते थे। लेकिन जब से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी है कानून व्यावस्था सख्त है।

क्या है पूरा मामला?

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के कुछ सरकारी स्कूलों को एक-दूसरे में मर्ज करने का फैसला लिया। सरकार की योजना थी कि जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या बहुत कम है, वहां कार्यरत शिक्षकों को पास के अन्य स्कूलों में भेजा जाए, ताकि शिक्षकों का बेहतर उपयोग हो सके। हालांकि, इस फैसले का राज्यभर में विरोध शुरू हो गया।

अखिलेश ने सरकार पर साधा निशाना

अखिलेश ने स्कूलों के मर्जर के मुद्दे लेकर कहा कि, समस्या बजट की नहीं, बल्कि सरकार की सोच की है। उन्होंने कहाकि एक आदर्श शिक्षा प्रणाली में हर 20 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार हर निर्णय को केवल लाभ-हानि के नजरिए से देखती है। यही कारण है कि अब शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है और बजट की कमी का बहाना बनाकर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।

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