UP में बिगड़े माहौल पर CM योगी का अल्टीमेटम (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

'एक-एक उपद्रवी को कुचल देंगे', UP में बिगड़े माहौल पर योगी का अल्टीमेटम, अधिकारियों को सख्त निर्देश

Uttar Pradesh के कुछ जिलों में सांप्रदायिक तनाव के चलते CM Yogi Adityanath ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। बैठक में उच्च अधिकारियों को उपद्रव के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए।

सौरभ शर्मा

CM Yogi Clear Instructions on Communal Tension: उत्तर प्रदेश के कानपुर, वाराणसी और बरेली समेत कई जिलों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपना लिया है। शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर सीएम योगी ने इन घटनाओं पर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने साफ कर दिया है कि दशहरे के त्योहार के दौरान शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगी।

यह उच्च स्तरीय बैठक इसलिए बुलानी पड़ी क्योंकि कई जिलों में कुछ विशेष गुटों द्वारा जुलूस और प्रदर्शन के नाम पर सड़कों पर उतरकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। बरेली में तो हालात इतने बिगड़ गए कि मुस्लिम समुदाय के लोगों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की घटना हुई। इन्हीं विस्फोटक स्थितियों को देखते हुए सीएम योगी ने प्रशासन को उपद्रवियों से पूरी सख्ती से निपटने का आदेश दिया है, ताकि प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे।

एक भी उपद्रवी बख्शा नहीं जाएगा

आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम योगी ने बैठक में दो टूक कहा कि सरकार हर उपद्रवी को कुचल देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया की गहन निगरानी के जरिए सभी आरोपियों की पहचान की जाए। पहचान के बाद तत्काल उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए और कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी इस तरह की अराजकता फैलाने की हिम्मत न कर सके।

त्योहारों में सुरक्षा और महिला सम्मान पर जोर

बैठक में सिर्फ उपद्रवियों पर ही नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी खासा जोर दिया गया। सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छेड़खानी, छेड़छाड़ और एसिड अटैक जैसे गंभीर मामलों में पुलिस की जवाबदेही तय की जाए ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी लगाम लगे। इसके अलावा, दशहरे के पावन अवसर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह बुराई के दहन का प्रतीक है, इसलिए गरबा और डांडिया जैसे आयोजनों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि महिलाएं और बेटियां त्योहारों को बिना किसी डर के मना सकें।

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