UN में शहबाज की 'बेतुकी नौटंकी' पर भारत का पलटवार, कहा- आतंकियों का महिमामंडन बंद करे पाकिस्तान

भारत ने UN में Pakistan को कड़ी फटकार लगाई, जब पाक PM Shehbaz Sharif ने 80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान कश्मीर पर इस्लामाबाद के रुख को दोहराया तो भारत ने इसे बेतुका बताया।
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भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत (फोटो- सोशल मीडिया)
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India Reply Pak PM Shehbaz Sharif in UN: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अपने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारत ने पाकिस्तान पर "बेतुकी नौटंकी" करने और आतंकवाद का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर का नाटक या झूठ तथ्यों को छिपा नहीं सकता और पाकिस्तान की विदेश नीति का केंद्रबिंदु आतंकवाद ही है।

भारत ने महासभा को याद दिलाया कि पाकिस्तान का आतंकवाद को पनाह देने और निर्यात करने का पुराना इतिहास रहा है। गहलोत ने कहा कि यह वही देश है जिसने एक दशक तक ओसामा बिन लादेन को पनाह दी, जबकि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भागीदार होने का दिखावा कर रहा था। भारत ने यह भी बताया कि इसी साल 25 अप्रैल को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवादी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' का बचाव किया था, जिसने जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों का बर्बर नरसंहार किया था।

शहबाज शरीफ ने क्या कहा था

इससे पहले अपने संबोधन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर पर इस्लामाबाद के पारंपरिक रुख को दोहराया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीरी लोगों के साथ खड़ा है और एक दिन भारत का अत्याचार समाप्त होगा। इसके अलावा, शरीफ ने भारत पर 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करके अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। भारत ने अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इस संधि में अपनी भागीदारी को निलंबित कर दिया था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे।

तस्वीरों और दोगलेपन का दिया हवाला

भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि एक तरफ पाकिस्तान शांति की बात करता है और दूसरी तरफ उसके सैन्य और नागरिक अधिकारी आतंकवादियों का महिमामंडन करते हैं। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' में मारे गए आतंकवादियों की तस्वीरों का जिक्र किया, जिन्हें पाकिस्तान में श्रद्धांजलि दी गई। भारत ने शांति के लिए एक स्पष्ट रास्ता दिखाते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान सच में शांति चाहता है तो उसे तुरंत सभी आतंकवादी शिविरों को बंद कर भारत में वांछित आतंकवादियों को सौंप देना चाहिए। भारत ने यह भी साफ किया कि आतंकवाद पर उसकी नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है और वह परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा।

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