UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है, जिसके काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। एक ओर जहां सत्ता पक्ष ने जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है, वहीं विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की पूरी तैयारी कर ली है।
इस बार का सत्र संसदीय इतिहास में एक नए अध्याय के साथ शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के अनुसार, भारत सरकार की अधिसूचना के अनुरूप सदन की कार्यवाही की शुरुआत पहली बार पूरे ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ की जाएगी। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक पल बताते हुए सभी सदस्यों से लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने और सदन में शालीनता बनाए रखने का आग्रह किया है।
सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक होने की संभावना है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, प्रदेश में बिजली संकट, किसानों को खाद की किल्लत और बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा।
चार दिवसीय इस सत्र के 6 अगस्त तक चलने की संभावना है। इस दौरान सरकार पिछले सत्र के बाद जारी किए गए नौ अध्यादेशों के स्थान पर विधेयक पेश करेगी। इसके साथ ही सदन के पटल पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) के प्रतिवेदन रखे जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी इसी सत्र में पेश की जा सकती है।
सत्र के पहले दिन आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। इसके अलावा, प्रशासनिक फेरबदल के तहत भाजपा विधायक केतकी सिंह को विधानसभा के अधिष्ठाता मंडल में शामिल किया गया है। उन्होंने मंत्री बने मनोज कुमार पांडेय का स्थान लिया है।