UP विधानसभा चुनाव से पहले SP को बड़ा झटका, पार्टी के चीफ व्हिप ने पद से दिया इस्तीफा

Kamal Akhtar News: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा विधायक कमाल अख्तर ने पार्टी के चीफ व्हिप पद से इस्तीफा दे दिया। बोले- अब चुनाव पर पूरा फोकस करेंगे।
Major setback for SP ahead of UP Assembly elections; party's chief whip resigns from the post.
कमाल अख्तर (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

SP Chief Whip Resignation: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के लिए बुरी खबर सामने आई है। मुरादाबाद जिले की कांठ विधानसभा सपा विधायक कमाल अख्‍तर ने विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कमाल अख्तर ने बताया कि उन्होंने यह फैसला पार्टी आलाकमान के निर्देश पर लिया है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि समय-समय पार्टी के संगठन में बदलाव होता रहता है।

बता दें कमाल अख्तर करीब डेढ़ साल से सपा के मुख्य सचेतक की भूमिका निभा रहे थे। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी अब किसी दूसरे नेता को यह जिम्मेदारी सौंपेगी। उन्होंने बताया कि वे अब अपना पूरा फोकस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और अपने विधानसभा क्षेत्र पर करेंगे।

रूचि वीरा के साथ विवाद की चर्चा

सपा विधायक कमाल अख्तर ने पार्टी के चीफ व्हिप पद से ऐसे समय में इस्तीफा दिया है, जब पिछले कुछ दिनों से मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा और उनके के बीच मतभेदों की चर्चा चल रही है। इसको लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राजधानी लखनऊ में दोनों नेताओं के बीच समझौता कराने के लिए बैठक भी की थी। हालांकि, विधायक कमाल अख्तर ने अपना इस्तीफा देते हुए इसे संगठन का फैसला बताया और किसी भी प्रकार के विवाद पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।

इससे पहले बागी मनोज पांडे थे मुख्य सचेतक

कमाल अख्तर को विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी जुलाई 2024 में दी गई थी। उनसे पहले इस पद पर पार्टी से रायबरेली के ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडे जिम्मेदारी निभा रहे थे। सपा से बगावत करने के बाद कमाल को यह जिम्मेदारी मिली थी। अब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनके इस्तीफे देने के बाद पार्टी जल्द ही नए चीफ व्हिप का ऐलान कर सकती है।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल पार्टी नेता रूचि वीरा के मुरादाबाद के सांसद निर्वाचित होने के कुछ ही समय बाद से विधायक कमाल अख्तर के साथ उनके विवाद की चर्चाएं सामने आती रहीं हैं। यह विवाद पिछले कुछ महीनों में और भी बढ़ गया था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शहर में होने वाले पार्टी कार्यक्रमों में सांसद रुचि वीरा की तरफ से लगाए जाने वाले पोस्टरों में विधायक कमाल अख्तर की फोटो नहीं होती थी। इसी प्रकार कमाल अख्तर और जिले के अन्य सपा विधायकों के कार्यकर्मों में सांसद रूचि वीरा की तस्वीर गायब रहती थी।

बताया जा रहा है कि सांसद रुचि वीरा पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के खेमे से हैं, जबकि विधायक कमाल अख्तर, पश्चिमी यूपी में पार्टी के वरिष्ठ नेता एसटी हसन खेमे से हैं। दोनों के बीच विवाद का एक मुख्य कारण यह भी बताया जाता है। दोनों नेताओं के बीच बढ़ते विवाद पर संज्ञान लेते हुए पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रूचि वीरा और कमाल अख्तर को राजधानी लखनऊ बुलाया और फटकार भी लगाई थी।

Navbharat Live
navbharatlive.com