

Meeting With Assembly Speaker Satish Mahana: संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 एवं संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्तावित कानून को लेकर उत्तर प्रदेश में विभिन्न हितधारकों से संवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ के गोमती नगर में स्थित होटल ताज में किया गया। समिति ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना से भेंट कर एक साथ चुनाव कराने के संबंध में उनके विचार एवं सुझाव मांगे।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समिति के समक्ष अपने विचार रखते हुए कहा कि पूरे देश में एक राष्ट्र और एक चुनाव की भावना लंबे समय से रही है। एक देश, एक चुनाव केवल नेताओं के लिए नहीं बल्कि जनता के लिए भी सुविधाजनक होगा। बार-बार चुनाव होने से जनता और जनप्रतिनिधि दोनों प्रभावित होते हैं। चुनाव प्रक्रिया में सभी की भूमिका और इच्छा महत्वपूर्ण होती है, लेकिन यदि चुनाव एक साथ नहीं होते हैं तो बार-बार चुनावी गतिविधियों का प्रभाव शासन व्यवस्था पर भी पड़ता है।
सतीश महाना ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अपनी विधानसभा क्षेत्र में मुझे भी कई बार चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रहना पड़ता है। जब-जब चुनाव होते हैं, जनता के बीच प्रतिनिधियों की जवाबदेही और विकास कार्यों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। जनप्रतिनिधि का अधिक समय चुनावी प्रक्रिया में लग जाता है, जबकि जनता की अपेक्षा रहती है कि उनके क्षेत्र के विकास और समस्याओं के समाधान पर निरंतर कार्य हो। यदि चुनाव एक साथ होंगे तो जनप्रतिनिधि अधिक समय जनता की सेवा और विकास कार्यों को दे सकेंगे।
महाना ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक मशीनरी, सुरक्षा बलों और सरकारी संसाधनों का बड़ा हिस्सा चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहता है। एक साथ चुनाव होने से इन संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा और विकास योजनाओं की गति भी बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी सर्वोपरि है। चुनाव व्यवस्था में सुधार करते समय सभी राजनीतिक दलों, संवैधानिक संस्थाओं, विशेषज्ञों और आम जनता के सुझावों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
गौरतलब है कि संयुक्त संसदीय समिति अपने लखनऊ प्रवास के दौरान उत्तर प्रदेश विधानमंडल के सदस्यों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, उद्योग एवं व्यापार संगठनों, प्रबुद्धजनों तथा मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति उत्तर प्रदेश के लखनऊ में तीन दिवसीय अध्ययन दौरे पर है। समिति का उद्देश्य लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से जुड़े संवैधानिक, प्रशासनिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त करना है।
समिति इससे पूर्व महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और गोवा में भी विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श कर चुकी है। समिति में लोकसभा एवं राज्यसभा के कुल 39 सदस्य शामिल हैं। समिति द्वारा प्राप्त सुझावों को अपनी अंतिम रिपोर्ट में सम्मिलित किया जाएगा।