स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। इमेज-सोशल मीडिया 
उत्तर प्रदेश

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की बिगड़ी तबीयत, 6 दिनों से धरने पर बैठे हैं शंकराचार्य

Shankracharya In Magh Mela : प्रयागराज में माघ मेले में धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत आज बिगड़ी है। वह 6 दिनों से धरने पर बैठे हैं। खुले आसमान के नीचे रहने से सेहत बिगड़ी है।

रंजन कुमार

Swami Avimukteshwaranand News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 18 जनवरी से माघ मेले में धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सेहत आज बिगड़ गई। उन्हें बुखार हुआ है। दरअसल, वो खुले आसमान के नीचे 6 दिनों से धरने पर बैठे हैं, जिस कारण उनकी सेहत खराब हुई। उन्होंने डॉक्टरों से सलाह ली है। अभी वह आराम कर रहे। उनके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने सूचना की पुष्टि की।

गौरतलब है कि मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की पालकी रोकी थी। स्वामी को लौटा दिया था। शंकराचार्य के शिष्यों ने आरोप लगाया है कि शिखा पकड़कर उनको पटका गया। इससे संन्यासियों की स्थिति खराब हो गई।

पालकी पर ही बैठे हैं स्वामी

प्रशासनिक कार्रवाई से क्षुब्ध होकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धरना शुरू किया। पुलिस ने स्वामी को पालकी समेत त्रिवेणी मार्ग स्थित उनके शिविर के सामने छोड़ा था। उस दिन से वह उसी स्थिति में अपनी पालकी पर विराजमान हैं। वह जिद पर अड़े हैं। शंकराचार्य की मांग है कि प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। इसके साथ ही उन्हें सम्मान के साथ स्नान करवाए और शिविर में प्रवेश कराए। उसके बाद वह अपने शिविर में चले जाएंगे।

सवा लाख शिवलिंग स्थापित किए जाने की योजना का दावा

अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल में कहा है कि प्रशासन की कार्रवाई के चलते वे सवा लाख शिवलिंग स्थापित नहीं कर पाए। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के लक्षेश्वर धाम में सवा लाख शिवलिंगों की स्थापना प्रस्तावित थी। इस स्थापना से पहले शंकराचार्य को इन शिवलिंगों को प्रयाग की धरती पर लाकर जनता के दर्शन को उपलब्ध कराना था। इसके साथ ही उनकी विधिवत पूजा भी होनी थी। वर्तमान में स्वामी बाहर हैं, जबकि शिविर के अंदर रखे शिवलिंग साधना और पूजन की प्रतीक्षा में हैं।

सम्मानजनक बातचीत से टकराव समाप्त होनी चाहिए

बताया जा रहा कि सवा लाख में से कुछ शिवलिंग यहां पहुंचे हैं। शेष कार्टूनों में पैक रखे हैं। इसके अतिरिक्त शिवलिंगों की एक और खेप आनी थी। जब श्रद्धालु इन शिवलिंगों को इस स्थिति में देख रहे तो वे अपना आक्रोश भी व्यक्त कर रहे। इन सबके बीच संत समाज द्वारा शांति और संयम बरतने की अपील की गई है। नासिक में संत महंत रामस्नेही दास और महंत बैजनाथ ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों का समाधान टकराव नहीं, बल्कि सम्मानजनक बातचीत और आपसी समझ से होना चाहिए।

MLC Election Results LIVE: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र समेत चार राज्यों में मतगणना, यूपी की 11 सीटों पर नजर

BRICS Parliamentary Forum 2026: ब्रिक्स फोरम में बिरला का संदेश, चर्चाओं से नहीं ठोस नतीजों से तय होगी सफलता

Bihar MLC Election Result: पटना में मतगणना केंद्र पर हंगामा, CCTV नहीं होने पर कांग्रेस-जन सुराज ने उठाए सवाल

चक्रवात अर्णव आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, 140 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, 12 विपक्षी पार्टियों की संयुक्त याचिका को साथ सुनेगा कोर्ट