सुप्रीम कोर्ट (फोटो-सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

योगी के लव जिहाद व अवैध धर्मांतरण कानून पर संकट, सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

UP conversion law: लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस भेजा है। यूपी सरकार द्वारा 2024 में अवैध धर्मांतरण कानून में संशोधन किया गया था।

Saurabh Pal

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा गैरकानूनी धर्म परिवर्तन (संशोधन) विधेयक, 2024 विवादों में घिरता नजर आ रहा है। यूपी सरकार ने 2024 में अवैध धर्मांतरण के कानून संशोधन कर कुछ नए क्लॉज जोड़े थे। इसमें धर्मांतरण करान के उद्श्य से अलग धर्म की महिला से शादी को लव जिहाद माना गया है। इस कानून के तहत आरोपी पाए जाने पर अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। इस कानून के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है।

लव जिहाद और गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन के खिलाफ बने कानून को लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता रेखा वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि यह कानून अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले जोड़ों को परेशान करने का जरिया बन गया है। इनकी आड़ में किसी को धर्म परिवर्तन के आरोप फंसाया जा सकता है। साथ ही याचिका में यह भी मांग की गई है कि कोर्ट यूपी सरकार को निर्देश दे कि वो इस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में कोई कार्रवाई न करें।

सुप्रीम कोर्ट धर्मांतरण कानून पर कर सकता है लंबी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पहले लंबित मामलों में जोड़ दिया है। जो संकेत देता है कि यूपी के लव जिहाद और गैर कानूनी धर्मांतरण के खिलाफ व्यापक सुनवाई होगी। हालांकि इस मामले में अभी तक भाजपा या यूपी सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब यूपी सरकार के जवाब का इंतजार है। बता दें कि यूपी की भाजपा सरकार का रुख धर्मांतरण को लेकर काफी सख्त है। खासकर लव जिहाद के मामलों की सरकार मुखर आलोचन करती रही है। इस कानून को बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका महिमामंडन भी किया था।

उत्तर प्रदेश में क्‍या है मौजूदा कानून?

उत्तर प्रदेश 'विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम', 2020, को बीजेपी सरकार ने लव जिहाद के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लागू किया था। विधेयक में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति धर्मांतरण के इरादे से किसी महिला, नाबालिग या किसी का भी यौन शोषण करता है, धमकी देता है, हमला करता है, शादी करता है या शादी का वादा करता है या इसके लिए साजिश रचता है, तो उसके अपराध को सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में 20 साल की कैद या आजीवन कारावास का प्रावधान है।

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