Prayagraj Police Reshuffle: संगम नगरी में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक फेरबदल का दौर तेज हो गया है। पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया के नेतृत्व में महज 15 दिनों के भीतर 10 थानेदारों को इधर से उधर किया जा चुका है। सोमवार देर रात जारी नए आदेश में चार थानों के प्रभारियों की तैनाती बदली गई, जबकि दो निरीक्षकों को गैरजनपद स्थानांतरण के लिए पुलिस लाइन भेजा गया। लगातार हो रही कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है।
नए आदेश के तहत एयरपोर्ट थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश उपाध्याय और शंकरगढ़ के थानाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे को गैरजनपद स्थानांतरण के लिए पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं कीडगंज थाने की कमान संभाल रहे प्रीतम कुमार तिवारी को शंकरगढ़ का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है।
शाहगंज थाना प्रभारी वैभव सिंह को एयरपोर्ट थाने की जिम्मेदारी दी गई है। वह इससे पहले क्राइम ब्रांच में भी तैनात रह चुके हैं। एसीपी करछना कार्यालय में तैनात निरीक्षक राजेश कुमार सचान को शाहगंज का प्रभारी बनाया गया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय में द्वितीय वाचक रहे निरीक्षक दिनेश सिंह को कीडगंज थाने का प्रभार सौंपा गया है।
पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने कार्यभार संभालने के बाद से ही अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की गुणवत्ता पर फोकस किया है। थानों में लंबित विवेचनाओं, 112 पीआरवी के रिस्पॉन्स टाइम और अपराध की स्थिति की समीक्षा के बाद अब तैनाती स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं।
पुलिस आयुक्त का स्पष्ट संदेश है कि कर्तव्य में शिथिलता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा कानून-व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य थानों और पुलिस चौकियों में भी बदलाव हो सकते हैं।
गौरतलब है कि 28 जुलाई को शासन ने 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया था। वाराणसी में एडीजी के पद पर तैनात 2007 बैच के आईपीएस पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने पुलिसिंग की प्राथमिकताओं की समीक्षा शुरू की।
इससे पहले पूर्व पुलिस आयुक्त जोगिंदर कुमार के कार्यकाल में भी आठ थानेदारों समेत 12 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले किए गए थे। साथ ही 518 पीआरवी कर्मियों का गंगापार से यमुनापार स्थानांतरण हुआ था। अब नए पुलिस आयुक्त के लगातार फेरबदल को अपराध नियंत्रण, बेहतर पुलिसिंग और जनता से संवाद मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।