

Ambedkar Nagar Crime News: आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा के अंबेडकर नगर जिले के रुधा धनुआ गांव स्थित उनके घर में उनकी मां की कथित तौर पर हत्या किए जाने और आभूषणों की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 95 वर्षीय मां इंद्रावती रविवार को घर में एक चारपायी पर मृत पाई गईं।
उन्होंने बताया कि इंद्रावती अपने पति के निधन के बाद से घर में अकेली ही रह रही थीं। लखनऊ में तैनात मिश्रा अपराह्न करीब तीन बजे गांव पहुंचे और अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और डकैती का मामला दर्ज कराया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोने की चेन, नोज पिन, झुमके और पायल गायब थे, जबकि घर का कोई अन्य सामान अस्त व्यस्त नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि परिवार को शक है कि चोर शनिवार रात घर में घुसे और गहने ले जाने से पहले उनकी हत्या कर दी। मालीपुर के थानाध्यक्ष शशांक शुक्ला ने कहा, "मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
IPS अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां की हत्या कर दी गई और उनके घर में लूटपाट हुई। घटना की जानकारी मिलने के बाद अयोध्या रेंज के IG मौके पर पहुंचे।
IPS आशुतोष मिश्रा की मां की मौत पर SP प्राची सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, "16 अगस्त 2026 को दोपहर 1:13 बजे, रमेश चंद्र मिश्रा ने मालीपुर पुलिस स्टेशन को सूचना दी कि आशुतोष मिश्रा की मां की उस सुबह 8 बजे हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद, दोपहर करीब 2:30 बजे, आशुतोष मिश्रा को शक हुआ कि उनकी मां की हत्या की गई है क्योंकि उनके पहने हुए गहने गायब थे।"
एसपी प्राची सिंह ने बताया कि अधिकारियों और फोरेंसिक टीम ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया और शुरुआती जांच की, जिसमें शरीर पर चोट या संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। तीन डॉक्टरों की एक टीम ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया, और रिपोर्ट में विसरा (viscera) को सुरक्षित रखने की जरूरत बताई गई।
कार्डियक अरेस्ट का कारण पता लगाने के लिए दिल को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि कार्डियक अरेस्ट के बारे में स्पष्टता हो सके। संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई चल रही है।
इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश में पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
पुलिस घटना की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी की जांच कर रही है ताकि वारदात से पहले और बाद में संदिग्ध गतिविधियों का पता चल सके। इसके अलावा मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच भी की जा सकती है।
फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या और लूट की इस वारदात से गांव में भय का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।