प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ा; आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में घुसा पानी, डेढ़ दर्जन गांवों पर भी संकट

Prayagraj Flood Alert: प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई मोहल्लों और गांवों में पानी घुसने लगा है। प्रशासन अलर्ट, NDRF और PAC तैनात कर दिए गए है।
Prayagraj Flood Alert Rising Ganga Yamuna Water Levels Threaten Low Lying Areas
प्रयागराज (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Prayagraj Flood Situation: गंगा और यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। सोमवार रात से दोनों नदियों के तेवर तल्ख हैं। शहर के आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों और जिले के डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों में नदियों का पानी घुसने लगा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा

पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश का असर गंगा-यमुना के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। दोनों नदियां चेतावनी बिंदु को पार करने की ओर बढ़ रही हैं।मिली जानकारी के मुताबिक गंगा में कानपुर बैराज से 3.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं हरिद्वार बैराज और नरौरा बांध से 71-71 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है। लगातार पानी आने से प्रयागराज में बाढ़ का दबाव बढ़ता जा रहा है।

यमुना में मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण केन और बेतवा नदियों का पानी पहुंच रहा है। बांदा में केन नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर रविवार को 96.38 मीटर था, जो सोमवार रात तक बढ़कर 96.88 मीटर पहुंच गया।

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कई मोहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी

बाढ़ का असर अब शहर के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। नैनी, गंगानगर, राजापुर, बेली, चिल्ला और छोटा बघाड़ा समेत कई मोहल्लों में पानी घुसने लगा है। कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।

हमीरपुर में बेतवा का जलस्तर भी 96.52 मीटर से बढ़कर 96.60 मीटर पहुंच गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी, बरदहा और सरभंगा नदियों का पानी यमुना में आ रहा है। राजस्थान से चंबल नदी का पानी भी यमुना के जलस्तर पर दबाव बढ़ा रहा है।

प्रशासन अलर्ट, एनडीआरएफ और पीएसी तैनात

बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ राहत टीमों को तैनात कर दिया है। कुछ स्थानों पर नावों की व्यवस्था भी की गई है। पुलिस, पीएसी, विद्युत, स्वास्थ्य, सिंचाई, जल निगम और नगर निगम के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें अलर्ट पर रखा गया है।

रीवा और सतना क्षेत्र में बहने वाली टोंस नदी के उफान का असर भी प्रयागराज में दिखाई दे रहा है। करछना और मेजा तहसील के डेढ़ दर्जन गांवों में नालों के जरिए पानी पहुंच गया है। प्रशासन की नजर निचले इलाकों पर बनी हुई है। यदि नदियों का जलस्तर इसी तेजी से बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में संकट और गहरा सकता है।

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