30 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विकसित होगा पर्यटन स्थल
प्रवेश प्लाजा-मड ट्रैक के साथ बच्चों के लिए लगेंगी शैक्षिक प्रदर्शनियां
डॉ. लोकेश एम. ने संबंधित विभागों को समन्वय से काम करने के दिए निर्देश
Prayagraj Mini Safari Inspection: संगम नगरी प्रयागराज में पर्यटन को बढ़ावा देना सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शुमार है। महाकुंभ 2025 की तैयारियों के दरम्यान पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कई कार्य पर्यटन विभाग द्वारा कराया गया। पर्यटन के लिहाज से संगम नगरी में वन्य जीव केंद्र की कमी महसूस की जा रही थी। जहां प्रयागराज सहित आस पास के जिलों के लोग वन्य जीवों के बारे में जानकारी हासिल कर सकें और उनका दीदार कर सकें।
शहर में पर्यटन और मनोरंजन की सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए नेहरू पार्क को मिनी सफारी के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। 30 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विस्तृत इस पार्क में हिरण और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को लाने के साथ प्रवेश प्लाजा, मड ट्रैक और बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए शैक्षिक प्रदर्शनियां विकसित की जाएंगी। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सेना, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए), नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ पार्क का स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
नेहरू पार्क को आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने के लिए उसके प्राकृतिक स्वरूप और भू-आकृति के अनुरूप विकास किया जाएगा। प्रस्तावित योजना में प्रवेश प्लाजा और मड ट्रैक के साथ हिरण एवं पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को रखने की व्यवस्था होगी। बच्चों को प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने के लिए शैक्षिक प्रदर्शनियां और ज्ञानवर्धक प्रदर्श भी स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं की विस्तृत रूपरेखा परियोजना की डीपीआर में तय होगी। प्रस्ताव के अनुसार, पार्क का उपयोग मिनी सफारी के उद्देश्य से किया जाएगा।
परियोजना को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के लिए सबसे पहले पार्क का ड्रोन के माध्यम से स्थलाकृतिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके आधार पर सेना और पीडीए के बीच संयुक्त समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार होगा। इसमें दोनों संस्थाओं की जिम्मेदारियां और कार्यों की शर्तें निर्धारित की जाएंगी। इसके बाद वन विभाग और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर विकास कार्यों और उनके क्रियान्वयन की योजना तय होगी।
नेहरू पार्क के विकास और अनुरक्षण की जिम्मेदारी प्रयागराज विकास प्राधिकरण को दी जाएगी। पार्क के संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) पर होने वाले खर्च के लिए इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग करने की योजना है। मंडलायुक्त ने प्रभागीय वनाधिकारी से सफारी के अनुकूल वनस्पति विकसित करने में सहयोग देने को कहा। साथ ही सेना की संबंधित इकाइयों और अन्य विभागों से भी परियोजना के क्रियान्वयन में समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
मिनी सफारी विकसित करने से पहले पार्क की मौजूदा स्थिति सुधारने पर भी जोर दिया गया है। नगर निगम झील और पूरे परिसर की साफ-सफाई कराएगा। झील में गिरने वाले नालों की टैपिंग, जलशोधन, जलकुंभी हटाने और आवश्यक वनस्पतियों की छंटाई का काम प्राथमिकता पर शुरू कराया जाएगा। इन कार्यों का उद्देश्य पार्क के पर्यावरणीय स्वरूप में सुधार करना और प्रस्तावित विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करना है।
निरीक्षण में डिप्टी जीओसी, पूर्वी यूपी-एमपी सब एरिया ब्रिगेडियर नवनीत डगर, नगर आयुक्त साईं तेजा, पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज, डीईओ, कैंट बोर्ड तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए नेहरू पार्क को सुव्यवस्थित, आकर्षक और ज्ञानवर्धक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।