Prayagraj DM Manish Kumar Verma: मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी बनी रहे, इसी मानवीय संदेश के साथ प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने नेत्रदान का संकल्प लिया। मंगलवार को क्षेत्रीय नेत्र संस्थान, एमडी नेत्र चिकित्सालय में 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के समापन समारोह में डीएम ने स्वयं नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा। उनकी धर्मपत्नी डॉ. अंकिता राज ने भी नेत्रदान का संकल्प लिया। डीएम ने कहा कि नेत्रदान मानवता की महान सेवा है और लोगों को इसके लिए आगे आना चाहिए।
25 अगस्त से 8 सितंबर तक चले नेत्रदान पखवाड़े के दौरान क्षेत्रीय नेत्र संस्थान की ओर से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। चिकित्सकों की टीमों ने विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर लोगों को नेत्रदान की प्रक्रिया, कॉर्नियल अंधत्व में इसकी उपयोगिता और मृत्यु के बाद समय पर सूचना देने के महत्व के बारे में जानकारी दी। अभियान के दौरान विभिन्न सीएचसी में आयोजित कार्यक्रमों में 708 लोगों ने नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा।
समारोह में नेत्रदान करने वाले दिवंगत दाताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अपनों को खोने के दुख के बीच भी इन परिवारों ने नेत्रदान के माध्यम से मानवता की सेवा का निर्णय लिया। उनके इस योगदान से समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। डीएम ने भी लोगों से अपील की कि वे स्वयं नेत्रदान का संकल्प लेने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और भ्रांतियां दूर करने के उद्देश्य से पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें विजेता ऑप्टोमेट्रिस्ट और जूनियर रेजिडेंट्स को जिलाधिकारी एवं अन्य अतिथियों ने पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पोस्टरों के माध्यम से कॉर्नियल अंधत्व और नेत्रदान की उपयोगिता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में प्रो. एसपी सिंह, निदेशक प्रो. संतोष कुमार, प्रो. जागृति राणा, आई बैंक प्रभारी डॉ. आरती सिंह और सीएमएस डॉ. एसएस सिन्हा समेत चिकित्सक, ऑप्टोमेट्रिस्ट, जूनियर रेजिडेंट्स और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।