Maharajas Express Prayagraj: संगम नगरी के पर्यटन मानचित्र पर एक और खास अध्याय जुड़ने जा रहा है। दुनिया की चर्चित लग्जरी ट्रेनों में शामिल ‘महाराजा एक्सप्रेस’ नए सीजन 2026-27 में प्रयागराज के रास्ते संचालित होगी। भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार 23 कोच वाली यह सुपर लग्जरी ट्रेन छिवकी और प्रयागराज जंक्शन के रास्ते अपने निर्धारित सफर को पूरा करेगी। ट्रेन में सफर करने वाले पर्यटकों को ऐतिहासिक स्थलों के साथ शाही खानपान, आलीशान केबिन और विशेष आतिथ्य का अनुभव मिलेगा।
महाराजा एक्सप्रेस के निर्धारित टूर छह रात और सात दिन के होंगे। सफर दिल्ली से शुरू होकर जयपुर, आगरा, खजुराहो और वाराणसी होते हुए प्रयागराज तक पहुंचेगा। इसके बाद ट्रेन प्रयागराज के रास्ते वापस दिल्ली लौटेगी। इस रूट पर कुल सात राजसी फेरे निर्धारित किए गए हैं। खास बात यह है कि प्रयागराज इस शाही रेल यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।
यात्रा के छठे दिन ट्रेन छिवकी पहुंचेगी। यहां से होकर ट्रेन वाराणसी की ओर रवाना होगी। अगले दिन वापसी के दौरान प्रयागराज जंक्शन के मेन लाइन से होकर ट्रेन दिल्ली के लिए लौटेगी। इससे पर्यटकों को संगमनगरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
महाराजा एक्सप्रेस में सफर आम रेल यात्रा से बिल्कुल अलग अनुभव देता है। छह रात और सात दिन के टूर में डीलक्स केबिन का किराया प्रति व्यक्ति लगभग साढ़े सात लाख रुपये तक बताया गया है। जूनियर सुइट के लिए करीब 9.5 लाख रुपये, जबकि प्रेसिडेंशियल सुइट का किराया लगभग 13 से 14 लाख रुपये तक है।
ट्रेन के भीतर यात्रियों को राजमहल जैसा वातावरण देने की कोशिश की गई है। नक्काशीदार साज-सामान, रेशमी पर्दे, महंगे फर्नीचर और बड़ी पैनोरमिक खिड़कियां इसकी खासियत हैं। केबिन में एलईडी टीवी, वाई-फाई, इलेक्ट्रॉनिक सेफ और क्लाइमेट कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। 24 घंटे गर्म-ठंडे पानी और हाउसकीपिंग की सुविधा भी यात्रियों को मिलती है।
ट्रेन में यात्रियों के लिए मयूर महल और रंग महल नाम के दो भव्य रेस्तरां हैं। यहां भारतीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजन परोसे जाते हैं। 24 कैरेट सोने और चांदी की परत चढ़ी क्रॉकरी तथा कटलरी में भोजन परोसने की व्यवस्था इसे खास बनाती है। यात्रियों के स्वागत में लजीज अवधी, मुगलई और राजस्थानी व्यंजनों के साथ कॉन्टिनेंटल और इटालियन व्यंजन भी शामिल हैं।