रेलवे ने लांच किया ऐप  (सोर्स: सोशल मीडिया)
प्रयागराज

अब पार्सल भेजना हुआ आसान: स्टेशन जाने की जरूरत नहीं, घर से उठेगा सामान और दरवाजे तक पहुंचेगी डिलीवरी

Railways New Service: अपने रिश्तेदारों, दोस्तों एवं परिजनों तक जरूरी सामान पहुंचाना हो या व्यापारियों को अपने उत्पाद भेजने हों, रेलवे की यह पहल लोगों के लिए सुविधाजनक साबित हो सकती है।

ओमप्रकाश सिंह परिहार, नमिता प्रजापति

Highlights:

  • व्यापारियों और लोगों की सुविधा के लिए डिजिटली व्यवस्था

  • सामान की सुरक्षित डिलीवरी ओटीपी के माध्यम से सुनिश्चित

  • प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और लखनऊ समेत अन्य रेलवे स्टेशनों पर मिलेगी सुविधा

Railways Door-To-Door App: ट्रेनों से सामान एक शहर से दूसरे शहर भेजना अब आसान हो जाएगा। व्यापारियों और लोगों की सुविधा के लिए डिजिटली व्यवस्था करते हुए ऐप लांच किया है। हालांकि यह सुविधा कुछ बड़े शहरों में प्रयोग के तौर पर शुरू की गई है। प्रयोग सफल होने पर इसके द्वितीय चरण में अन्य शहरों से रेलवे शुरू करेगा।

भारी-भरकम बक्से, बोरियां लेकर रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय के पास जद्दोजहद नहीं करने पड़ेंगे। पार्सल व्यवस्था निजी कूरियर कंपनियों के सहयोग से घर-घर तक सेवा पहुंचाने की पहल की है। इसके तहत रेल पार्सल को घर से घर तक पहुंचाने की सुविधा शुरू की जा रही है। प्रथम चरण में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे में शुरू की जा रही है। सफल परीक्षण के बाद दूसरे चरण में प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और लखनऊ समेत अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी इसे लागू किया जाएगा।

विशेष अवसरों पर अपने रिश्तेदारों, दोस्तों एवं परिजनों तक जरूरी सामान पहुंचाना हो या व्यापारियों को अपने उत्पाद भेजने हों, रेलवे की यह पहल लोगों के लिए सुविधाजनक साबित हो सकती है। अभी पार्सल भेजने के लिए स्टेशन तक सामान ले जाने, बुकिंग कराने और गंतव्य स्टेशन पर उसे प्राप्त करने में समय और अतिरिक्त खर्च लगता है। नई व्यवस्था से इन परेशानियों को कम करने की कोशिश की जा रही है।

डिजिटल व्यवस्था से लोगों को होगी सुविधा

समानों को लाने ले जाने की सुविधा के लिए रेलवे की नई डिजीटल सेवा से कार्य आसान हो जाएगा। रेलवे की ओर से शुरू घर से घर तक मोबाइल एप की मदद से पार्सल की बुकिंग की जा सकेगी। बुकिंग के बाद रेलवे के अधिकृत लॉजिस्टिक्स सेवा साझेदार घर पहुंचकर सामान उठाएंगे और उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाएंगे। माल भाड़े और पिकअप-डिलीवरी शुल्क का भुगतान यूपीआई, कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम किया जा सकेगा।

रेलवे की ओर से पार्सल की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की तैयारी है। पारंपरिक कागजी रसीद की जगह डिजिटल पीआरआर (प्रोग्रेसिव रेफरेंस रिकॉर्ड) नंबर जारी किया जाएगा। सामान की सुरक्षित डिलीवरी ओटीपी के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। ट्रेन में सामान लोड होने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने की स्थिति की जानकारी मोबाइल एप पर मिलेगी। इसके लिए यात्रियों को एसएमएस अलर्ट भी भेजे जाएंगे।

पंद्रह दिन पहले बुकिंग सुविधा होगी उपलब्ध

माल ढुलाई के लिए रेलवे की डिजिटल व्यवस्था के तहत ट्रेन चलने से 15 दिन पहले से लेकर 24 घंटे पहले तक बुकिंग कराई जा सकेगी। एप पर बुकिंग में बदलाव की सुविधा भी उपलब्ध होगी। रेलवे की इस योजना से पार्सल सेवा को अधिक सुविधाजनक और डिजिटल बनाने में मदद मिलेगी और लोगों को घर बैठे सामान भेजने की सुविधा उपलब्ध होगी।

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