Prayagraj High Court Decision For Braj Gopal Tirth Parikrama: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 24 कोसी परिक्रमा मार्ग परियोजना को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने परियोजना के निर्माण पर रोक लगाने की मांग को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि सरकार की जनहित से जुड़ी नीतियों में व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। इस फैसले के साथ ही परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने मेसर्स श्री आरके कोल्ड स्टोरेज एंड जनरल मिल्स समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि प्रस्तावित परिक्रमा मार्ग उनकी जमीन से होकर गुजर रहा है, जहां वे कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। उनका दावा था कि उन्होंने इसके लिए ऋण लेने की तैयारी भी कर ली है और परियोजना से उनके निवेश को नुकसान होगा।
हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि यह स्थापित कानूनी सिद्धांत है कि व्यापक जनहित के लिए बनाई गई सरकारी नीतियों के सामने निजी हितों को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। अदालत ने माना कि 24 कोसी परिक्रमा मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम आवागमन और क्षेत्रीय विकास के उद्देश्य से तैयार की गई एक महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेगा।
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हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ताओं की एक मांग पर राहत देते हुए संभल के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित भूमि का सीमांकन कराया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि परियोजना में कितनी भूमि शामिल होगी तथा कितनी भूमि शेष बचेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कानून के तहत अनुमति मिलती है तो परियोजना क्षेत्र से बाहर बची हुई भूमि पर याचिकाकर्ता अपना कोल्ड स्टोरेज स्थापित कर सकते हैं।
जानकारी के लिए बताते चले कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 की योजना के तहत 24 कोसी ब्रज गोपाल तीर्थ परिक्रमा मार्ग के निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण को मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराना, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना है। हाईकोर्ट के इस फैसले को परियोजना के लिए बड़ी कानूनी सफलता माना जा रहा है।