Nasha Mukt Gaon Campaign: उन्नत भारत अभियान सेल चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ द्वारा गोद लिए गए ग्राम लालपुर, ब्लॉक माछरा, मेरठ में नशा मुक्त गांव अभियान के अंतर्गत ग्रामवासियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को नशा छोड़ने एवं नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
इस दौरान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने अपने आशीर्वचन में कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास में बाधक है। क्योंकि, स्वस्थ एवं सशक्त समाज के लिए नशामुक्ति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि, हमें सदैव ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए, जो नशा करने के लिए हमें प्रेरित करते हैं। क्योंकि यही दोस्त एक दिन हमारी बर्बादी का तमाशा देखते है।
उन्होंने कहा कि नशे में न केवल इंसान बुरी आदतों में पड़ जाता है। जबकि नशा नहीं मिलने पर वह अपने घर-बार को छोड़ने के लिए भी तैयार हो जाता है। डीन, इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी ने कहा कि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा एवं प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें। संस्थान के निदेशक प्रो. नीरज सिंघल ने कहा कि नशा मुक्ति के लिए जन-जागरूकता के साथ सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के समन्वयक इंजीनियर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए सभी पांचों गांवों में नशा मुक्ति एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सके। इस दौरान विशेषज्ञ वक्ता प्रिया पाल, काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट एवं शिवानी शर्मा, साइकोलॉजिस्ट, हेल्थ मिशन इंडिया से जुड़ीं ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक नुकसान की जानकारी देते हुए नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि नशा छोड़ना संभव है और परिवार एवं समाज के सहयोग से व्यक्ति स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन की ओर लौट सकता है। क्योंकि, मानव जीवन में नशे के नुकसान शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर बेहद गंभीर और विनाशकारी होते हैं। उन्होंने बताया कि नशा एक ऐसी लत है, जो धीरे-धीरे कब हमारे शरीर को खोखला कर देता है, पर पता ही नहीं चलता। जबकि, हम सब कुछ जानते हुए भी उसे नशे के पीछे भागते रहते हैं।
नशा न केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को गर्त में धकेल देता है। नशा वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति शराब-ड्रग्स या किसी अन्य मादक पदार्थ के सेवन से मानसिक और शारीरिक संतुलन खो बैठता है और बार-बार उसकी लत का शिकार हो जाता है। कार्यक्रम में डॉ. विजय कुमार, डॉ. निधि चौहान, इंजीनियर पारुल, इंजीनियर प्रवीण पंवार, सोनू महरोल हरिनाथ तथा छात्र प्रशांत करण का सहयोग रहा। ग्रामवासियों की ओर से श्री बृजपाल सिंह, दीपक कुमार.कैलाश चंद, धर्मवीर, चेतन सिंह, जगदीश एवं उषा शर्मा सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।