कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की जांच में CDR से मिले अहम सुराग, प्रयागराज-प्रतापगढ़ के कई कारोबारी रडार पर

Firecracker Factory Case: अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की जांच में पुलिस को नौशाद की CDR और WhatsApp चैट से अहम सुराग मिले हैं। प्रयागराज और प्रतापगढ़ के कई कारोबारियों से पूछताछ की जा रही है।
Kaushambi Firecracker Factory Blast CDR WhatsApp Chats Reveal Suspected Supply Network
कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामला(सोर्स- फोटो नवभारत)
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Kaushambi Illegal Firecracker Factory Blast: कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शहबाजी गांव स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की जांच में पुलिस को अब मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से अहम सुराग मिले हैं। हादसे के मुख्य आरोपित नौशाद के मोबाइल की सीडीआर और वाट्सऐप चैट की पड़ताल के आधार पर पुलिस ने प्रयागराज और प्रतापगढ़ के कई पटाखा कारोबारियों को अपने रडार पर लिया है। पुलिस अब इन कारोबारियों से पूछताछ कर उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने में लगी है।

कौशाम्बी के अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में पांच मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए थे। हादसे में आठ बच्चों समेत 14 लोगों की मौत हुई, जबकि 20 लोग घायल हुए थे। चार बच्चों को खोने वाले पिता की तहरीर पर पिपरी पुलिस ने मुख्य आरोपित नौशाद, उसकी पत्नी, बेटे और भाई समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने नौशाद को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

कॉल डिटेल और चैट से सामने आया नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, नौशाद के मोबाइल की सीडीआर और वाट्सऐप चैट की जांच से पता चला है कि उसके प्रयागराज और प्रतापगढ़ के कई पटाखा कारोबारियों से संपर्क थे। पूछताछ में नौशाद ने घटना से कुछ दिन पहले दोनों जिलों से करीब 20 कुंतल पटाखा लाने की बात भी बताई है। पुलिस अब उसके बयान का सीडीआर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मिलान करा रही है।

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गोदामों और अवैध भंडारण पर भी जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि नौशाद पटाखा लाकर पटाखा फैक्ट्री संचालक के गोदाम में रखता था। अधिकारियों का कहना है कि उसके बयान के तथ्यों और सीडीआर का मिलान किया जा रहा है। शुरुआती जांच में नौशाद के संपर्क में रहने वाले कई कारोबारी अवैध रूप से पटाखों का भंडारण करते पाए गए हैं। पुलिस इन लोगों के खिलाफ ठोस और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है, ताकि आगे कानूनी कार्रवाई की जा सके।

अब कारोबारियों की भूमिका की होगी गहन जांच

हादसे के बाद पुलिस का फोकस सिर्फ फैक्ट्री संचालक तक सीमित नहीं है, बल्कि पटाखों की सप्लाई, खरीद, परिवहन और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। सीडीआर, वाट्सऐप चैट और पूछताछ से मिले तथ्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि पटाखे कहां से आए, किसने उपलब्ध कराए और किन स्थानों पर उनका अवैध भंडारण किया गया। पुलिस की कार्रवाई से पटाखा कारोबार से जुड़े कई अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की संभावना है।

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