अश्लील VIDEO के आरोप में सस्पेंड होने वाली दरोगा Social Media
उत्तर प्रदेश

अश्लील VIDEO वाली दरोगा सस्पेंड होने के बाद पहली बार आई सामने, कहा- कमरे में बंद हूं, जान देने के ख्याल आ रहे

UP Police SI Anu Kolis: मेरठ की निलंबित यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर अनु कॉलिस ने सोशल मीडिया लाइव में निजी वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया। उन्होंने करियर, परिवार और धमकियों को लेकर अपना पक्ष रखा।

अर्पित शुक्ला

UP Police Sub Inspector Viral Video: आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में निलंबित की गईं यूपी पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अनु कॉलिस ने शनिवार को पहली बार सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने वीडियो वायरल करने वाले इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो बिना अनुमति सोशल मीडिया पर शेयर किए गए। अनु ने दावा किया कि इस पूरे विवाद के कारण उनका करियर और परिवार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

लाइव के दौरान अनु कॉलिस भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि वह कई दिनों से कमरे में बंद हैं और उन्हें खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार आ रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं।

'मेरी जिंदगी और करियर बर्बाद कर दिया'

अनु कॉलिस ने कहा कि अमित किल्होर ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट से उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो लेकर अपने अकाउंट पर शेयर किए। उनका सवाल था कि इसके लिए उनसे अनुमति क्यों नहीं ली गई। उन्होंने दावा किया कि बाद में अमित किल्होर ने संबंधित वीडियो अपने अकाउंट से हटा दिया और उनके भाई से माफी भी मांगी।

अनु ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उनकी वर्षों की मेहनत, करियर और भविष्य पर असर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अश्लील कंटेंट बनाने वाली महिला के तौर पर पेश किया गया, जबकि उनके अनुसार उनके वीडियो सामान्य फूड, फिटनेस और लाइफस्टाइल कंटेंट का हिस्सा थे।

'जिस ड्रेस को लेकर विवाद हुआ, वह मां के साथ खरीदी थी'

वायरल वीडियो में पहनी गई ड्रेस को लेकर उठे सवालों पर अनु ने कहा कि वह ड्रेस उन्होंने अपनी मां के साथ आगरा के एक मॉल से खरीदी थी। उनके मुताबिक, उनके परिवार को इस तरह के कपड़ों से कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनके घर में इस तरह के कपड़े पहनना सामान्य बात है। साथ ही उन्होंने लोगों से सवाल किया कि अगर किसी को उनका कंटेंट पसंद नहीं था तो उसे देखने के बजाय शिकायत क्यों नहीं की गई।

QR कोड को लेकर भी दी सफाई

अनु कॉलिस ने अपने वीडियो में सोशल मीडिया पोस्ट में दिखाई देने वाले QR कोड को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह QR कोड उनके इंस्टाग्राम अकाउंट का था और वह अपने फॉलोअर्स से चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो लाइक और शेयर करने के लिए उसका इस्तेमाल करती थीं।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने वर्दी में ऐसा कोई वीडियो नहीं बनाया, जिससे पुलिस विभाग की गरिमा प्रभावित हो। अनु के मुताबिक, वह स्कूल और कॉलेज में टॉपर रही हैं और उन्हें सोशल मीडिया से जुड़ी विभागीय गाइडलाइंस की जानकारी है।

'किसी भी जांच के लिए तैयार हूं'

अनु कॉलिस ने कहा कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं और उन्हें अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से डर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनका सोशल मीडिया चैनल मुख्य रूप से फिटनेस और फूड से जुड़ा था।

उन्होंने कहा कि वह जिम जाती थीं और फिटनेस से जुड़े वीडियो बनाती थीं। उनका उद्देश्य लोगों को फिटनेस के लिए प्रेरित करना था, लेकिन विवाद के बाद उनके कंटेंट को अलग तरीके से पेश किया गया।

पहले जानिए पूरा मामला

अनु कॉलिस 2023 बैच की यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर हैं और मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं। मेरठ में वह रोहटा थाना, ब्रह्मपुरी और बाद में एसएसपी कार्यालय में तैनात रही हैं।

सोशल मीडिया पर उनके कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया था। मामले की जांच पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही है। वीडियो वायरल करने वाले इन्फ्लुएंसर की भूमिका और अनु कॉलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।

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