श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल (सोर्स- सोशल मीडिया)
मथुरा

Mathura: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल का ऐलान, 20 नवम्बर को जंतर-मंतर पर होगा शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन

Krishna Janmabhoomi Protest: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल ने 4 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। मुक्ति दल ने 20 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरने का ऐलान किया है।

मोहन श्याम शर्मा, स्निग्धा श्रीवास्तव

Krishna Janmabhoomi Mukti Dal Protest: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल ने अपनी चार सूत्रीय मांगों पर केंद्र सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए आगामी 20 नवम्बर 2026 को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर विशाल शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति एवं केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।

ज्ञापन के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल, सनातन पार्टी तथा भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति द्वारा 10 अगस्त 2026 को मथुरा में आयोजित एक सम्मेलन के माध्यम से चार प्रमुख मांगें उठाई गई थीं। संगठन का कहना है कि उस समय सरकार को 14 सितम्बर 2026 तक सकारात्मक पहल के लिए समय दिया गया था, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लिया गया है।

Places of Worship Act, 1991 समाप्त करना मांग में शामिल

संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख राजेश मणि त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, ज्ञानवापी और भोजशाला सहित विवादित धार्मिक स्थलों के समाधान के लिए आवश्यक कानून बनाना तथा Places of Worship Act, 1991 को समाप्त करना शामिल है। इसके अलावा गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कर प्रभावी राष्ट्रीय गौ संरक्षण कानून बनाने, देश के मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर उनके संचालन के लिए सनातन बोर्ड के गठन तथा यूजीसी द्वारा प्रस्तावित इक्विटी नियमों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान आरक्षण व्यवस्था पर व्यापक राष्ट्रीय विमर्श और पुनर्विचार किया जाए। साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में आवश्यक सुधार कर वास्तविक पीड़ितों को प्रभावी संरक्षण देने और कानून के दुरुपयोग पर नियंत्रण की मांग भी रखी गई है।

प्रस्तावित आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक

संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान या कानून-व्यवस्था भंग करना उनका उद्देश्य नहीं है तथा सभी वैधानिक नियमों का पालन किया जाएगा।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि उनकी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाते हुए समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए, जिससे प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की आवश्यकता न पड़े। संगठन ने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 20 नवम्बर को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में सनातन समाज के लोग एकत्र होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।

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